कोरोना की दूसरी लहर के जारी कहर के बीच अब इसकी तीसरी लहर को लेकर भी चिंता शुरू हो गई है। देश के विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस महामारी से समय रहते निपटा नहीं गया तो आने वाले कई सालों तक देश को इसकी पीड़ा भुगतनी होगी। हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि तीसरी लहर कब आएगी, आएगी भी या नहीं, यह भविष्यवाणी अभी नहीं की जा सकती है।
लेकिन फिर भी हमें कड़े कदम उठाने होंगे। यानी कि गाइडलाइन की सख्ती से पालना लगातार करनी होगी। नेशनल कोविड टास्क फोर्स कोविड-19 के सदस्य प्रोफेसर के श्रीनाथ रेड्डी के अनुसार तीसरी लहर जैसी स्थिति आए ही नहीं इसके लिए जरूरी है आम लोग कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें और सरकार को चाहिए कि आगामी एक साल तक देश में सभी बड़े आयोजनों पर पूरी तरह से रोक लगा दे। किसी तरह की रैली नहीं हो, किसी तरह का धार्मिक आयोजन नहीं हो। बड़ी-बड़ी पार्टियां नहीं हो और शादी समारोह पर भी पूरी तरह से रोक लगे ऐसा करने से ना सिर्फ संक्रमण की रफ्तार कम होगी बल्कि इस दौरान बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन के जरिए लोगों को सुरक्षित किया जा सकेगा।
उधर इंस्टीट्यूट आफ जिनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी के निदेशक डॉ अनुराग अग्रवाल का कहना है कि इस वर्ष की शुरुआत में लोगों ने जो लापरवाही बरतनी शुरू कर दी थी, उसका नतीजा आज भयानक रूप से हमारे सामने हैं। यदि हम वर्तमान मे कोविड गाइडलाइन के नियमों का सख्ती से पालन करें और देश की एक बड़ी आबादी को वैक्सीनेट कर दें तो यह संभव है कि तीसरी लहर या तो आए नहीं और आए तो उसकी घातकता कम हो।
ब्यूरो रिपोर्ट!



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