कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए अब आयुष मंत्रालय भी एक्शन मोड में आ गया है। बच्चों की इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए विशेष आयुर्वेदिक दवाइयों का काढ़ा तैयार किया जाएगा। इसकी तीव्रता को कम करने के लिए गुड़ का समावेश किया जाएगा जिससे कि बच्चे इसे आसानी से पी सके। 


आयुष मंत्रालय की 12 सदस्य टीम की ओर से कोरोना वायरस की तीसरी लहर में 1 से 18 आयु वर्ग के बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इसके तहत काढ़ा वितरण का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इसे जल्द ही आयुष मंत्रालय भेजकर कुछ संशोधन के बाद जारी कर दिया जाएगा। ड्राफ्ट में बच्चों के ब्रेन डेवलपमेंट के लिए औषधियों के साथ पेरेंट्स के लिए भी नई एडवाइजरी बनाई गई है। इसके तहत बच्चों में स्ट्रेस, गुस्सा और मानसिक विकार को कम या दूर करने के लिए कई एक्टिविटी सुझाई गई है। 



ड्राफ्ट में 1 से 8 आयु वर्ग के बच्चों के लिए मास्क की जगह मेडिसिन का विकल्प, 9 से 18 आयु वर्ग के बच्चों पर मोबाइल और टीवी के रेडिएशन का दुष्प्रभाव, रेडिएशन से बचने के लिए बच्चों और पेरेंट्स के लिए एडवाइजरी, बच्चों के लिए आयुर्वेद का विशेष काढ़ा निर्माण और बच्चों में आयु के अनुसार दवाइयां और उनकी मात्रा पर आयुष चिकित्सकों के लिए एडवाइजरी सहित कई विकल्प सुझाए गए हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट।