कोटा से हँसपाल यादव की खबर। 

कोरोना का ये कैसा खौफ है कि अब लोग किसी के अंतिम संस्कार में शामिल होने से भी कतराने लगे हैं।  एक तरफ शव को कंधा देने के लिए अपने ही समाज से कोई आगे नहीं आता तो समाज के ही दूसरे तबके के लोग ना सिर्फ मदद को आगे आते हैं बल्कि पूरे रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार भी करवा देते हैं।  ताजा मामला साजी देहडा का है जहां पर कुछ मुस्लिम युवकों ने पुरुषोत्तम शर्मा का अंतिम संस्कार करवाया। 

 ये घटना साजी देहडा किशोरपुरा की है जहां पर पुरुषोत्तम शर्मा व उनकी पत्नी ममता शर्मा रहते थे।  शर्मा पिछले कुछ दिनों से ठीक महसूस नहीं कर रहा थे और एक दिन उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।  सिर्फ उनकी पत्नी ममता शर्मा उनके साथ थी उनका अंतिम संस्कार करने वाला कोई नहीं था जब यह बात पार्षद  सलीना शेरी को पता चली तो उन्होंने अपने प्रतिनिधि छोटे भाई साहिल शेरी को भेजा वे  अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंच गए।  मुस्लिम समाज से ही आसपास के कुछ लोग भी आगे आए।  फिर अर्थी की सामग्री मंगाई गई और  कर्म योगी सेवा संस्थान के राजाराम कर्मयोगी ने अर्थी की सामग्री उपलब्ध करवाई। अर्थी बनाकर  किशोरपुरा मुक्तिधाम पर मुस्लिम युवक साहिल शेरी। शाहिद अली,  मोहम्मद फरीद,  जहीर खान,   जाकिर भाई, शाहरुख, सलीम अब्बासी, कुरेशी भैया और कुरैशी सलीम शेरी ने  कंधा देकर  शव यात्रा निकाली।  इस दौरान हिन्दू रिवाज की  पूरी प्रक्रिया अपनाई गई।   मुखाग्नि उनकी पत्नी ममता शर्मा ने दी।  पार्षद धीरेंद्र चौधरी ने नगर निगम से निशुल्क लकड़ी की व्यवस्था करवाई।