ब्यूरो रिपोर्ट। 

औषधि नियंत्रक संगठन ने आज दवाओं की कालाबाजारी रोकने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए राजधानी में 11 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस 5 से 15 दिन के लिए निलंबित कर दिए। ये कार्यवाही दवाओं की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक पर बेचान के चलते की गई। उल्लेखनीय है कि चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा के निर्देश पर गठित की गई थी टीम। यह बात और है कि जयपुर जैसे बड़े शहर में यह कार्यवाही ऊंट के मुंह में जीरा साबित होगी।  राजधानी जयपुर के किसी भी इलाके में 2 स्क्वायर किलोमीटर के दायरे में ही दर्जन भर से ज्यादा दवा की दुकाने मिल जारी हैं ऐसे में पूरे शहर में सिर्फ 11 दुकानों पर कार्यवाही दिखावे की ही थी।  अगर औषधि नियंत्रक संगठन सचमुच कालाबाजारी रोकने के प्रति गंभीर है तो उसे जयपुर को अलग अलग जोन में विभाजित कर रोजाना कार्यवाही करनी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को जमीनी स्तर पर राहत मिल पाए. पूरे शहर में सिर्फ 11 दवा विक्रेताओं पर कारबाही तो सिर्फ कुर्सी बचाओ अभियान का हिस्सा ही मानी जाएगी।