पिछले दो-तीन दिन के दौरान कोरोना से थोड़ी राहत मिली तो ब्लैक फंगस बीमारी ने फिर चिंता बढ़ा दी। हाल ही में सामने आई ब्लैक फंगस बीमारी के मरीज अब लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मरीजों की संख्या देखते हुए इंजेक्शन और दवाओं की किल्लत भी सामने आई है।


इसके इलाज के लिए काम में आने वाला अम्फोटेरिसिन - बी इंजेक्शन मेडिकल स्टोर्स से गायब हो गया है। आपको बता दें कि कोरोना से ठीक होने के बाद डायबिटीज के मरीजों में ब्लैक फंगस ज्यादा पाई गई है। इसके चलते सिर में तेज पीड़ा होना, आंखें सूजना , एक तरफ का चेहरा सुन्न हो जाना और यहां तक कि आंखों की रोशनी भी चले जाना ऐसे लक्षण सामने आ रहे हैं। सवाई मानसिंह चिकित्सालय में इसके लिए अलग से वार्ड बनाया गया लेकिन महज कुछ ही घंटों के दौरान 25 बेड का वह वार्ड फुल हो गया। 



प्रदेश में ब्लैक फंगस के मामले पाली, सिरोही, कोटा और जयपुर में सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। उधर केंद्रीय फार्मा मंत्रालय के अनुसार देश में ब्लैक फंगस की दवा 5 कंपनियां बना रही है। पिछले दिनों 1 मई से 14 मई तक देश के राज्यों को लगभग एक लाख शीशियां उपलब्ध करवाई गई है। प्रदेश के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने भी इस बीमारी की भयावहता को देखते हुए लगभग ढाई हजार इंजेक्शन मंगाने के आर्डर जारी किए हैं।.

ब्यूरो रिपोर्ट!