नागौर से शबीक उस्मानी की रिपोर्ट।
नागौर सहित प्रदेश और देश मे कोरोना संक्रमण कम होता जा रहा है। इसके बावजूद नागौर जिला प्रशासन ने जिलेभर में सर्वे के काम को यथावत रखा है ताकि कोविड 19 के लक्षण वाले लोगों की शुरुआती चरण में ही पहचान हो कर उपचार शुरू कर दिया जाए और संक्रमण स्प्रेड होने कि सम्भावना कमसे कम रहे। इसी के साथ जिले में ब्लैक फंगस से जुड़ा एक अन्य सर्वे भी जिला प्रशासन की और से कराया जा रहा है । अंग प्रत्यारोपण और सुगर ,केंसर रोग वाले मरीजो को सर्वे में।चिन्हित किया जा रहा है । नागौर ADM मनोज कुमार ने बताया कि राज्य सरकार किनौर से जिलेवार कोविड रेपिड एंटीजन टेस्ट किट भेजी गई हैं। इस टेस्ट की खास बात ये की महज 15 से 20 मिनट में टेस्ट का रिजल्ट आ जाता है । नागौर जिले में इस टेस्ट किट से कोविड जांच की शुरुआत हो चुकी है। इसके लिए प्रत्येक उपखण्ड पर 500 किट रेपिड एंटीजन टेस्ट का शुरुआती लक्ष्य रखा गया है ।
एडीएम मनोज कुमार ने बताया कि रेपिड ऐंटीजन टेस्ट द्वारा गांव-गांव और डोर सराज के अंदरूनी इलाको में भी जांच कर संक्रमण का पता लगाया जा सकेगा । साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आरबीएसके कार्मिकों को चिकित्सा विभाग द्वारा 500 ऐंटीजन टेस्ट किट दी गई, जिससे गांवो में कोविड जांच की जा रही है । उन्होंने बताया कि इस टेस्ट में पॉजिटिव आने पर मरीज को तत्काल आइसोलेशन में रखा जा रहा है और आवश्यक दवाएं एवं उपचार प्रारंभ शुरू किया गया है। यदि नेगेटिव आता है और लक्षण भी है तो उसका आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया जा रहा है मुख्यतः यह टेस्ट आईएलआई लक्षण वाले मरीजों का किया जा रहा है ।



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