प्रदेश में अब जल्दी ही बजरी की कीमतों में गिरावट होगी और बजरी की कीमतों में कमी होने से निर्माण कार्य के बजट में भी राहत मिलेगी। राज्य सरकार ने बजरी खनन के लिए 3 पट्टे जारी किए हैं। इनमें से एक खान बनास नदी और दो खाने जालौर में दी गई है। यह पट्टे 13 महीने के लिए जारी किए गए हैं।

 इसके बाद इन खानों को दुबारा नीलामी कर आवंटन किया जाएगा। लगभग साढे 3 साल से राजनीति और कानूनी दांवपेच में फंसे बजरी खनन का रास्ता साफ हुआ है। आपको बता दें कि प्रदेश में पहली बार बजरी खानों की नीलामी 2012-13 के दौरान 5 साल के लिए की गई थी। तत्काल जरूरत को देखते हुए इन खानों में सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से बिना पर्यावरण एनओसी के खनन चालू कर दिया गया था। 



इसलिए 4 साल बाद ही इन खानों को बंद कर दिया गया था। अब राज्य सरकार ने। 1191 हेक्टेयर में भीलवाड़ा के कोटडी में महेंद्र सिंह राजावत को, 3797 हेक्टेयर मे जालौर के सायला में रणवीर सिंह राठौड़ को और 5269 हेक्टेयर में जालौर के ही सत्यनारायण सिंह जादौन को खनन पट्टे आवंटित किए हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट।