प्रदेश में 18 + आयु वर्ग के टीकाकरण के लिए राज्य सरकार ने ग्लोबल टेंडर तो निकाले। लेकिन किसी भी कंपनी ने सीधे तौर पर इसमें रुचि नहीं दिखाई। हालांकि 9 वितरकों के प्रस्ताव आए जिन्होंने टीके की मौजूदा कीमतों से तिगुनी दरें बताई। इसके बाद राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया से अपने हाथ पीछे खींच लिए।


अब राज्य सरकार वैक्सीन के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएगी। कोर्ट के जरिए ग्लोबल टेंडर को केंद्र सरकार की ओर से निकालने और राज्यों को अपने स्तर पर वैक्सीन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई जाएगी। इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार का यह मानना है कि वितरकों से टेंडर फाइनल कर भी लें, लेकिन उसके बाद क्या गारंटी है कि कंपनियां उन्हें लगातार वैक्सीन देती रहेगी। वही वितरक एक वैक्सीन की कीमत 1100 ₹ बता रहे हैं। राज्य का मानना है कि सिरम केंद्र को डेढ़ सौ रुपए में और राज्य को ₹300 में वैक्सीन दे रही है



 तो लगभग तिगुनी से भी ज्यादा कीमत क्यों चुकाई जाए? आपको बता दें कि राज्य सरकार की ओर से निकाले गए ग्लोबल टेंडर में स्पूतनिक, रिथेरा, एस्ट्रेजेनेका और कोवीशील्ड वैक्सीन के 9 डिस्ट्रीब्यूटर शामिल हुए हैं। एक खास बात यह है कि ज्यादा कीमत चुकाने के बावजूद 1 महीने की अवधि में एक करोड़ डोज देने की भी गारंटी नहीं है।

ब्यूरो रिपोर्ट!