कोरोना महामारी से लड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने भले ही जल्दबाजी दिखाते हुए 1 मई से 18 प्लस वैक्सीनेशन अभियान शुरू कर दिया हो, लेकिन इसकी शुरुआत के 3 दिन बीतने के बावजूद यह अभियान अभी तक गति पकड़ नहीं पाया है। सबसे बड़ी कमी तो इसके रजिस्ट्रेशन को लेकर हो रही है। लाख कोशिशों के बावजूद युवा रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे हैं।
अगर मान लीजिए बार-बार कोशिश के बावजूद रजिस्ट्रेशन हो गया तो फिर दूसरी दिक्कत आती है। वैक्सीन के उपलब्ध होने की। राज्य सरकार ने सोमवार को ही इसके लिए तीन लाख वैक्सीन उपलब्ध कराई। इसमें हाल यह है कि इसके तीसरे दिन 18 प्लस आयु वर्ग के सिर्फ 49628 युवाओं को वैक्सीन लग पाई है। यदि 3 दिन के लिहाज से कुल टीकाकरण को देखा जाए तो अभी तक महज 78293 वैक्सीन ही लग पाई है जबकि इसका लक्ष्य रोजाना कम से कम दो लाख है। आपको बता दें कि टीका लगवाने के लिए।
कोविद या आरोग्य सेतु ऐप खोलते है तो एरर बता कर बार-बार बंद हो जाता है। यदि मान लीजिए, चालू भी रहे और फोन नंबर डाल दें तो ओटीपी ही नहीं बताता। कई युवाओं को एप अपलोड करने के बाद में दूसरे दिन ओटीपी मिलने की बात सामने आ रही है। वही आईडी सहित अन्य जानकारियां भरने में कामयाबी रहे तो टीकाकरण केंद्र नहीं बताता।
केंद्र उस पर लिखते हैं तो भी घर से 40 50 किलोमीटर दूर सेंटर बताता है। और मान लीजिए वह केंद्र हम चुन भी लें तो टीकाकरण की तारीख नहीं बताता कि किस दिन वैक्सीन लगाने जाना है। देखा जाए तो 18 प्लस के युवा वैक्सीनेशन को लेकर काफी असमंजस की स्थिति में नजर आ रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर! बुजुर्गों के लिए यानी 45 वर्ष से 60 वर्ष के लोगों के लिए पिछले कई दिनों से चल रहा टीकाकरण अभियान भी अभी तक गति नहीं पकड़ पाया है। आए दिन सेंटरों पर वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आ रही है। इनमें से वे लोग भी परेशान हो रहे हैं जो पहली डोज तो लगवा चुके हैं लेकिन दूसरी डोज लगवाने की तारीख निकले कई दिन हो चुके हैं लेकिन उनको वैक्सीन नहीं मिल पा रही।
ब्यूरो रिपोर्ट!





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