चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट

चित्तौड़गढ़ में कोरोना के टीकाकरण को लेकर राजनीति शुरू हो गई है जिसमें जिला प्रशासन पर स्वास्थ्य विभाग सिर्फ जिला अभिभाषक संस्थान और न्यायिक कर्मचारियों को ही कोरोना वॉरियर्स मानकर न्यायालय परिसर में मई के महीने में पिछले 10 दिनों मे 3 बार टीकाकरण शिविर का आयोजन कर चुका है लेकिन प्रशासन कि ओर से अभी तक जो फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में कार्य कर रहे चिकित्सक,नर्सिंग कर्मीयों,पुलिसकर्मी और मीडिया कर्मियों के परिजनों के टीकाकरण के लिए अभी तक किसी भी प्रकार का टीकाकरण शिविर आयोजित नहीं किया गया है।



चित्तौड़गढ़ में इन दिनों कोरोना संक्रमण को मात देने के लिए चिकित्सा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से अधिक से अधिक टीकाकरण करवाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है लेकिन अब अब टीकाकरण मैं भी राजनीतिक दखल होने से टीकाकरण से कई फ्रंटलाइन वर्कर जिसमें चिकित्सक, नर्सिंग कर्मी, पुलिसकर्मी, मीडिया कर्मी के साथ ही मेडिकल व्यवसाय से जुड़े कई अन्य फ्रंट लाइन वर्करों के परिजनों अभी तक टीकाकरण से दूर रखा गया है जबकि विगत 10 दिनों में मई के महीने में ही न्यायालय परिसर में न्यायालय कर्मियों और जिला अभिभाषक संस्थान से जुड़े सदस्यों के अलावा उनके परिवार जनों के टीकाकरण के लिए शनिवार को तीसरी बार टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया है

 जिसमें कुल 260 अधिवक्ताओं और उनके सहयोगी के साथ 55 न्यायालय कर्मचारियों का टीकाकरण किया गया वहीं इस टीकाकरण शिविर को आयोजित कराने के लिए चिकित्सा विभाग पर राजनीतिक ऊपरी दबाव डाला गया उसके पश्चात ही जिला राजकीय चिकित्सालय परिसर में  संचालित हो रहे एक टीकाकरण केंद्र को बंद करके इस महीने में तीसरी बार न्यायालय परिसर में टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया है।  टीकाकरण केंद्र के बंद होने से टीकाकरण करवाने आने वाले कई लोगों को काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा है।