कोरोना और ब्लैक फंगस जैसी महामारी के बीच इंसानियत तार-तार होती नजर आ रही है। पिछले दिनों अस्पताल में बेड दिलाने के नाम पर, रेमडेसीविर इंजेक्शन के नाम पर और ऑक्सीजन के नाम पर जो लूट मारी का खेल हमने देखा, अब उसमें एक काला अध्याय और जुड़ गया है।
लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने के लिए साइबर ठग इस दिशा में भी सक्रिय हो गए हैं। इंसान की खाल में छुपे ऐसे भेड़ियों ने गंभीर मरीज को भी नहीं बक्शा। ब्लैक फंगस का इंजेक्शन उपलब्ध कराने के नाम पर एक व्यक्ति से ₹95000 ठगने का मामला सामने आया है। राजधानी जयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती अपनी मां का इलाज करा रहे युवक को जब ब्लैक फंगस का इंजेक्शन बाजार में नहीं मिला तो उसने फेसबुक के जरिए इस को सर्च किया। फेसबुक पर उसने इंजेक्शन का विज्ञापन देखा तो संपर्क किया। उसके बाद उसके मोबाइल पर फोन आया जिसमें ब्लैक फंगस की दवा उपलब्ध कराने का झांसा दिया गया। ₹10000 भेजने के बाद ठग ने कहा कि पूरे ₹95000 भेजने पड़ेंगे क्योंकि दवा आगे से मंगानी पड़ेगी।
लाचार और मजबूर युवक की बातों में आ गया और उसने बताए गए नंबर पर ₹95000 ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद न तो दवा मिली और नहीं पैसे लौटाए गए बल्कि फोन भी बंद कर लिया गया। आपको बता दें कि इन दिनों इंजेक्शन और दवा के नाम पर खुलेआम लूट हो रही है। ईश्वर न करें, आपके सामने कोई ऐसा अवसर आए तो आप सावधान रहें। सतर्क रहें और पूरी तरह से निश्चिंत होने के बाद ही दवा और इंजेक्शन खरीदें।
ब्यूरो रिपोर्ट!



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