प्रदेश का भ्रष्टाचार निरोधक विभाग गहलोत सरकार की पारदर्शिता का सबसे बड़ा उदाहरण बन गया है। एसीबी के मुखिया बीएल सोनी और उप मुखिया दिनेश एमएन के नेतृत्व में। जिस प्रकार कार्रवाईयों को अंजाम दिया गया है वो एसीबी के अब तक के इतिहास में सर्वाधिक कहा जा सकता है। इन दोनों के नेतृत्व में भ्रष्टाचारियों पर जमकर प्रहार हुए हैं।
आम पब्लिक के बीच यह तथ्य बैठा दिए गए हैं कि सिर्फ आप एक कॉल कीजिए। और बाकी सब कुछ हम पर छोड़ दीजिए। लोगों ने भी इनके नेतृत्व को हाथों हाथ लिया है और एसीबी के पास। शिकायतें पहुंचने की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है। यदि हम बात करें कोरोना काल की तो इस दौरान भी एसीबी ने आपदा में अवसर बनाने वालों को अपनी जकड़ में लिया है। लॉकडाउन के पहले चरण में। यानी 22 मार्च से मई 2020 तक 70 दिनों की अवधि में कुल 11 ट्रैप हुए थे।
वहीं दूसरी लहर के दौरान 21 मार्च से अब तक एसीबी 53 ट्रैप कर चुकी है। और इसमें 65 भ्रष्ट अफसर, कर्मचारियों और दलालों को गिरफ्तार किया है। एसीबी के महानिदेशक बीएल सोनी का कहना है किस महामारी के दौरान भी कुछ अफसर और कर्मचारी आमजन से रिश्वत की डिमांड कर रहे हैं। जैसे ही हमें शिकायत मिलती है तो हम तुरंत एक्शन लेते हैं। अभी भी कई शिकायतों का सत्यापन चल रहा है और सत्यापन होते ही कार्यवाही को अंजाम दिया जाएगा।
ब्यूरो रिपोर्ट!




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