कोरोनावायरस में मौतों के मामले में सरकारी आंकड़ों और हकीकत के धरातल पर विरोधाभास की खबरें आने के बाद राज्य सरकार ने कोरोनावायरस मौतों की ऑडिट कराने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को इस बारे में आदेश जारी किए हैं जिसके तहत दूसरी लहर के दौरान कोरोना से हुई मौत और नॉन कोविड मौतों की हकीकत का पता लगाया जाएगा। गहलोत ने स्पष्ट किया कि राजस्थान में मौतों की संख्या छिपाने की परंपरा नहीं है। हमारी सरकार पूरी तरह से पारदर्शिता बरत रही है। देशभर में इस महामारी से हुई मौतों के विचलित करने वाले दृश्य सामने आए हैं।
यह मानवता को झकझोरने वाली त्रासदी है। और इसका परिवारों की सामाजिक मानसिक और आर्थिक स्थिति पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा है। आपको बता दें कि न्यायालय भी इस बारे में सरकारों को कह चुका है कि कोरोना से हुई मौत के बाद उसे कोविड मृत्यु का सर्टिफिकेट क्यों नहीं दिया जाता?



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