प्रदेश में गुरुवार से टीकाकरण का काम प्रभावित हो सकता है। यदि बुधवार तक वैक्सीन की खेप नहीं मिली तो गुरुवार से वैक्सीनेशन बंद हो सकता है। राज्य सरकार के पास लगभग 46000 वैक्सीन बची है जो कि बुधवार को पूरी हो जाएगी। उधर, राज्य सरकार ने इस बाबत केंद्र को चिट्ठी भी लिख दी है और मेल से भी अवगत करा दिया है।
मुख्यमंत्री गहलोत का कहना है कि केंद्र सरकार ने। प्रदेश को मई में जितने टीके आवंटित किए थे उनमें से अभी 1690000 वैक्सीन नहीं आई है। और एक-दो दिन में अगर सप्लाई नहीं हुई तो वैक्सीनेशन का काम ठप हो जाएगा। चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा का भी कहना है कि केंद्र ने वैक्सीन से लेकर ऑक्सीजन तक सारी प्रक्रिया अपने हाथ में ले रखी है। इसलिए राज्य सरकार चाहते हुए भी टीकाकरण का जो लक्ष्य है 700000 प्रतिदिन का उसे हासिल नहीं कर पा रही।
टीके की कमी के चलते 45 + और 60+ के लोगों का टीकाकरण गड़बड़ा रहा है। 18 प्लस आयु वर्ग के लोगों के लिए टीके खत्म होने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। यदि केंद्र सरकार ने समय पर वैक्सीन नहीं भेजी तो इस वर्ग के लिए टीकाकरण ठप हो सकता है। आपको बता दें कि प्रदेश में 18 प्लस आयु वर्ग के लिए वैक्सीनेशन के लिए राज्य सरकार ने भी ग्लोबल टेंडर जारी किए थे। लेकिन इसमें दो कंपनियों ने रुचि दिखाई और उनके वैक्सीन की कीमत भी मौजूदा कीमत से दोगुनी से भी ज्यादा थी इसके चलते टेंडर की दिशा में अभी कोई कार्य प्रगति पर नहीं चल रहा।
ब्यूरो रिपोर्ट!



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