कोरोना संक्रमण के मामले में सरकार के आंकड़े भले ही कुछ भी कहे लेकिन गांवों में हकीकत के धरातल की तस्वीर दूसरी ही दिखाई दे रही है। यहां एक महीने की अवधि के दौरान ही 6% मरीज बढ़ गए हैं। कुल संक्रमितों में 44 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों का है।
इससे पहले यह 38 और पहली लहर के दौरान सिर्फ 32℅ था। अब कुल संक्रमित मरीजों में गांव के 391000 मरीज हो गए हैं। गांव में चलाए जा रहे डोर टू डोर सर्वे के दौरान भी लगभग सात लाख आईएलआई यानी संदिग्ध मरीज मिले हैं। इनमें भी 50% मरीज गांव के बताए जा रहे हैं। गांव में कोरोना के मरीज बढ़ने के साथ ही समय पर इलाज नहीं मिलने या चिकित्सा के साधन नहीं होने से मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ा है।
ब्यूरो रिपोर्ट!


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