कोरोना वायरस की तीसरी लहर आने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कमर कस ली है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, कोरोना से बचाव के उपाय, रोग के लक्षण, घर पर ही देखभाल करने के तरीके और उसका मानसिक स्वास्थ्य पर असर कैसा होगा?
इन सब को लेकर आयुष प्रोटोकॉल बनाया जाएगा। इसका ड्राफ्ट एक सप्ताह के दौरान तैयार होने की उम्मीद है। इसके लिए केंद्र सरकार ने जोधपुर स्थित डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अभिमन्यु कुमार की अध्यक्षता में। विशेषज्ञों की टास्क फोर्स बनाई है जिसमें अध्यक्ष सहित कुल 12 सदस्य होंगे। जयपुर के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान को समन्वय का जिम्मा सौंपा गया है।
आपको बता दें कि प्रोफेसर अभिमन्यु कुमार कोरोना को लेकर केंद्र सरकार की ओर से बनाई गई विशेषज्ञ कमेटियों में पहले भी शामिल रहे हैं। कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर आशंका जताई जा रही है कि इसका बच्चों में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। लेकिन अभी तक उन्हें बचाने और उपचार के लिए कोई प्रोटोकोल तैयार करने की बात सामने नहीं आई थी। आयुष प्रोटोकॉल में आयुर्वेद को प्राथमिकता रहेगी लेकिन होम्योपैथी, योग और यूनानी चिकित्सा पद्धतियों को भी इसमें शामिल किया गया है।
ब्यूरो रिपोर्ट!



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