हनुमानगढ़ से विश्वाश कुमार की रिपोर्ट।

हनुमानगढ़ जिले के नोहर में जलदाय विभाग के अधिकारियों की सिर फुटोव्वल सार्वजनिक हो रही है।व आपसी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है।अधिकारी एक दूसरे पर भृष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे है। जलदाय विभाग नोहर के जेईएन कृष्ण धारीवाल ने बकायदा प्रेस वार्ता आयोजित कर विभाग के एक्सईएन ताराचंद पिलानिया पर भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोप लगाए।जेईएन कृष्ण धारीवाल ने एक्सईएन पिलानिया पर ठेकेदारों से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि,जेईएन बैकडेट में ऊंची दरों पर काम करवा रहा है,व पेयजल योजनाओं के लिए आने वाले पैसे का दुरुपयोग कर उन्होंने अपने कार्यालय व आवास पर मनमर्जी से पैसा खर्च डाला। इतना ही नहीं आमजन को साफ पेयजल पिलाने के उद्देश्य से जलदाय विभाग की डिग्गियों की सफाई का एस्टीमेट काफी समय पहले ही दिया जा चुका है। परंतु जनहित के कार्यों को नजरअंदाज कर अधिकारी अपनी जेबें भरने में मशगूल है।कनिष्ठ अभियंता का आरोप है कि अधिशासी अभियंता ने उन पर कई गलत कार्यों के लिए दबाव बनाया। मना करने के बाद उन्हें प्रताडि़त किया जाने लगा। धारीवाल ने कहा कि उनकी तनख्वाह व बिलों को बेवजह रोका जा रहा है। इससे वे मानसिक रूप से परेशान हो चुके हैं। उन्होंने अधिशासी अभियंता पर ऑफलाइन टैंडर निकाल कर चहेते ठेकेदारों को काम देकर कमीशन वसूली करने के भी आरोप लगाए।


जेईएन ने नोहर के नागरिकों द्वारा दूषित पेयजल वितरित करने को लेकर प्रदर्शन करने के बाद प्रेस वार्ता की और कहा कि एक्सईएन पिलानिया कामों में रोड़े अटका रहा है और बिना कमीशन कोई काम नहीं होता इसकी जांच होनी चाहिए वहीं जेईएन धारीवाल के आरोपों पर एक्सईएन पिलानिया ने आरोपों को निराधार बताया। एक तरफ जहां अधिकारी आपसी गुटबाजी व आरोप-प्रत्यारोप में उलझे है।वही नोहर निवासी पिछले 7 दिन से दूषित व पानी की किल्लत झेल रहे है।और कोरोनाकाल में घरों से निकल कर आंदोलन करने को मजबूर है।ओर उच्चाधिकारियों द्वारा भी इस मामले कोई संज्ञान नही लिया जा रहा है।अब देखने वाली बात होगी कि अधिकारियों का आपसी झगड़ा कब खत्म होगा व आमजन को राहत मिलेगी।