कोटा से हंसपाल यादव की रिपोर्ट।
कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों में अनेक मस्तिष्क विकृतियां उत्पन्न हो रही है, इसमें मनोवृत्ति और याददाश्त कमजोर होने की संभावना बनी रहती है। कोरोना के बाद इंसेफलाइटिस की समस्या भी काफी देखी गई है, कोरोना से ठीक हुए मरीजों के दिमाग में सूजन आ जाती है, इसके साथ ही खून के थक्के जमने की शिकायत भी कोरोना के बाद देखने को मिल रही है, ये बात कोटा ज्ञानद्वार एजुकेशन सोसायटी एवं आईएसटीडी कोटा चैप्टर ‘‘हम तुम और कोरोना’’ कोरोना वायरस एवं ब्रेन स्ट्रोक, मस्तिष्क व नर्वस सिस्टम की बीमारियां विषय पर आयोजित वेबीनार सेशन सीरीज के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में आईएमए कोटा अध्यक्ष व न्यूरो फिजिशियन डॉ संजय जायसवाल ने लोगों के सीधे प्रश्नों का जवाब देते हुए कही। डॉ. जायसवाल ने आॅन लाइन वेबीनार के माध्यम से कोरोना के बाद बन रही स्थिति, उसका उपचार व बचाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आमजन को कहा कि कोरोना के बाद दिमाग में ब्लड क्लोटिंग हो जाती है, इससे स्ट्रोक भी हो सकता है, कई कोरोना के मरीजों में यह समस्या देखने को मिल रही है। वहीं गुलियन वेरी सिंड्रोम में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली नसों पर हमला करता है, इससे कमजोरी, सुन्नपन, झुनझुनी और पैरालाइसिस का खतरा बढ़ जाता है। कोरोना से ठीक हुए मरीजों में कई तरह के साइड इफेक्ट देखे जा रहे हैं, जिन पर शोध भी किया जा रहा है और समाधान का प्रयास किया जा रहा है। लोगों में साइकोलॉजिकल समस्या हो रही है इसमें मूड स्विंग और एंग्जायटी की समस्या सबसे ज्यादा हो रही है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानियां बरतने की आवश्यकता है।
30 से 35 प्रतिशत कोरोना मरीजों में नर्वस सिस्टम सम्बन्धी लक्षण देखने को मिले
मीडिया प्रभारी डॉ. पारुल सिंह ने बताया कि वेबीनार में आॅनलाइन सेशंस की सूत्रधार कोटा ज्ञानद्वार की फाउंडर एवं आईएसटीडी कोटा चैप्टर की चेयरपर्सन अनीता चौहान ने कहा की कोरोना के समय में जब लगभग हर परिवार इस विपदा का सामना कर रहा है तब हम तुम और कोरोना के माध्यम से डॉक्टर्स के द्वारा हर संभव सहायता एवं सुझाव इस प्लेटफार्म के माध्यम से लोगों को प्रदान किए जा रहे हैं। वर्तमान में कोरोना मरीजों के 30 से 35 प्रतिशत में नर्वस सिस्टम सम्बन्धी लक्षण देखने को मिल रहे हैं। जूम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रममें आॅनलाइन सेशन में कोटा, जयपुर दिल्ली, काकरापार (गुजरात) कलकत्ता, मुंबई, देहरादून आदि सहित 50 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे तथा 300 से अधिक प्रतिभागी फेसबुक लाइव के माध्यम से जुड़े रहे। कार्यक्रम से जुड़े प्रतिभागियों ने विभिन्न सवाल कर अपनी जिज्ञासा को शांत किया। आईएसटीडी कोटा चैप्टर की उपाध्यक्ष डॉ. सुजाता तातेड़ के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।


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