चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट
चित्तौड़गढ़। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) उदयपुर की टीम ने मंगलवार दोपहर चित्तौड़गढ़ जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी की टीम ने बड़ीसादड़ी नगरपालिका अध्यक्ष के साले को एसबीआई बैंक में दो लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। प्रार्थी ठेकेदार ने आरोप लगाया कि उसने नगरपालिका में जो काम किए थे उसका बकाया भुगतान देने की एवज में 50 प्रतिशत राशि की रिश्वत मांगी गई थी, जिसका उसने चेक दिया था। आरोपित बैंक में से रुपए निकलवा रहा था, तभी एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया।
एसीबी उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उदयपुर में प्रार्थी बड़ीसादड़ी तहसील के सागरिया निवासी विष्णुदत्त पुत्र श्री डालचंद शर्मा एक रिपोर्ट पालिकाध्यक्ष बड़ीसादड़ी निवासी निर्मल पिपलिया पुत्र हिम्मत सिंह पिपलिया निवासी व इसके कुश पुत्र सुरेशचंद्र शर्मा के खिलाफ दी थी। इसमें बताया कि परिवादी विष्णु दत्त शर्मा के पुत्र की फर्म मैसर्स हितेश व्यास के द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में बड़ीसादड़ी नगरपालिका क्षेत्र में बोहेड़ा रोड पर कुवैत पैलेस होते हुए कुम्हारों के कुए तक डामरीकरण का कार्य व रतनलाल मुनेत के घर से नगरपालिका की निर्मित दुकानों तक नाली निर्माण का काम किया गया था। इसका कुल भुगतान समस्त कटौती के बाद 3 लाख 92 हजार 692 रुपए का फाइनल भुगतान बकाया रहा था। इसे पास करवाने की एवज में 50 प्रतिशत के हिसाब से रिश्वत राशि की मांग कर की गई थी। साथ ही परिवादी की फर्म का साइन शुदा खाली चेक भी प्राप्त कर लिया था। इस पर एसीबी ने मांग का सत्यापन 19 मई, 20 मई व 21 मई को करवाया था। इसके बाद 24 मई को चेक ट्रेजरी से पास कर खाते में रुपए जमा करवा दिए। इस पर आरोपी निर्मल पितलिया नगरपालिका अध्यक्ष बड़ीसादड़ी ने राशि प्राप्त करने के लिए अपने हस्ताक्षर कर चेक लगाया व राशि प्राप्त करने साले कुश शर्मा को भेजा। यहां बैंक से उक्त चैक के पेटे दो लाख रुपये लेते कुश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। निर्मल पितलिया नगरपालिका अध्यक्ष बड़ीसादड़ी फरार हो गई, जिसकी तलाश जारी है। वहीं आरोपी कुश शर्मा को गिरफ्तार कर बड़ीसादड़ी थाने लाया गया, जहां पूछताछ जारी है।



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