प्रदेश में बढ़ते जा रही ह ब्लैक फंगस महामारी के मरीजों की संख्या देखते हुए सरकार ने अब इसके नियंत्रण की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। इसके तहत पिछले 35 दिन की अवधि में कोरोना से ठीक होकर घर जा चुके मरीजों का सर्वे किया जाएगा।
उनकी जांच की जाएगी कि वे किस हालत में है? ऐसे मरीजों में से कितने डायबिटीज के पेशेंट है, कितने कैंसर से पीड़ित है या किसी का कोई अंग प्रत्यारोपण तो नहीं हुआ? ऐसे मरीजों की भी जांच की जाएगी जिन्हें अस्पतालों मे उपचार के दौरान ज्यादा मात्रा में स्टेरॉयड देने की आवश्यकता पड़ी थी। ऐसे सभी मरीजों की सूची आगामी 3 दिन की अवधि में तैयार कर ली जाएगी। जिन मरीजों को होम आइसोलेशन के दौरान भी यदि स्टेरॉयड दिया गया है तो वे भी इस सूची में शामिल होंगे। इसके बाद ऐसे मरीजों का फॉलोअप लिया जाएगा और उन्हें नियमित शुगर की जांच करवाने की सलाह भी दी जाएगी।
उधर केंद्र ने ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए उपयोगी लाइपोसोमल एंफोटेरिसिन बी की पहली खेप राज्य को सौंपी है। इसके तहत 700 मरीजों के लिए 1780 इंजेक्शन दिए गए हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट!



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