अजमेर से नवीन वैष्णव की रिपोर्ट।
अजमेर की रामगंज थाना पुलिस ने जयपुर स्पेशल पुलिस की टीम की सूचना पर ब्यावर रोड़ स्थित ट्रांस्पोर्ट नगर के गोदाम से साढ़े पांच करोड़ रुपए की नशीली दवाइयों का जखीरा पकड़ा है। वहीं दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि मुख्य आरोपी दवा विक्रेता श्याम सुंदर मूंदड़ा सहित एक अन्य फरार है। मामले में एनडीपएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
अजमेर दक्षिण वृताधिकारी मुकेश सोनी ने बताया कि जयपुर स्पेशल टीम ने अवैध नशीली दवाइयां पकड़ी थी। जांच के दौरान सामने आया कि दवाइयों की खेप अजमेर में भी उतरी है। इसे अन्य जगह सप्लाई किया जाएगा। इस सूचना पर रामगंज थानाधिकारी सतेन्द्र सिंह नेगी मय जाब्ता ट्रांस्पोर्ट नगर स्थित लतीफ के ट्रांस्पोर्ट स्थित गोदाम पर पहुंचे। जहां कार्टून रखे मिले। ड्रग इंस्पेक्टर से जब कार्टून में रखी दवाइयों की जांच करवाई तो उन्होंने नशीली व नकली दवाइयां होने की जानकारी दी। जिस पर मौके से 140 कार्टून दवाइयों के जब्त किए गए साथ ही माल की निगरानी कर रहे ककलाना निवासी मोमिन शाह और रैकी कर रहे चीताखेड़ा निवासी कालूराम जाट को गिरफ्तार किया। डीएसपी सोनी ने बताया कि कार्टून में रखी लगभग 35 लाख नशे की गोलियां व 14 हजार इंजेक्शन जब्त किए गए हैं। यह माल विमला मार्केट स्थित विनायक मेडिकल के संचालक श्याम सुंदर मूंदड़ा द्वारा मंगवाए जाने की प्रथम दृष्टया जानकारी मिली है और यह भी सामने आया है कि आरोपी श्याम सुंदर मूंदड़ा लम्बे समय से इसमें लिप्त है। आरोपी इतना शातिर है कि अपनी दुकान पर यह माल नहीं रखता है और इधर उधर गोदाम में माल उतरवाकर सप्लाई कर देता है। शक के आधार पर दो स्थानों पर सर्च की गई लेकिन कहीं से भी नशे के इंजेक्शन बरामद नहीं हुए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी श्याम सुंदर मूंदड़ा और शेख साजिद उर्फ कलाम फरार है जिनकी तलाश की जा रही है।
बिना प्रीस्क्रिप्शन नहीं दे सकते दवा
डीएसपी मुकेश सोनी ने कहा कि उक्त दवाइयां डॉक्टर के प्रीस्क्रिप्शन के बिना किसी भी व्यक्ति को नहीं दी जा सकती है। ऐसे में यह मरीज के लिए नहीं बल्कि नशे के लिए मंगवाना फिलहाल सामने आ रहा है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।


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