है ये धोखा तो मेरे साथ चला जायेगा
तेरा वादा तो मेरे साथ चला जायेगा
वक़्त पड़ने पे कोई साथ खड़ा मिलता है
ये भरोसा तो मेरे साथ चला जायेगा
ये ज़माने की हँसी यूँ ही रहेगी क़ायम
मेरा रोना तो मेरे साथ चला जायेगा
ये तरन्नुम ये तकल्लुम ये मुकम्मल तहज़ीब
ये करिश्मा तो मेरे साथ चला जायेगा
देखने वाले नये खेल नया होगा पर
ये तमाशा तो मेरे साथ चला जायेगा
मेरे शेरों की कमी मुझको अभी समझा दो
फिर ये मौक़ा तो मेरे साथ चला जायेगा
मेरे अल्फ़ाज़ ही पहचान बनेंगे मेरी
मेरा चेहरा तो मेरे साथ चला जायेगा
एक क़तरे ने कहा सर को उठा कर 'साहिल'
मेरा दरिया तो मेरे साथ चला जायेगा
लोकेश कुमार सिंह 'साहिल'
(लेख में प्रस्तुत विचार लेखक के अपने हैं। Rajkaj.News की इन विचारों से सहमति अनिवार्य नहीं है। किंतु हम अभिव्यक्ति की स्वंत्रता का आदर करते हैं।)


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