चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट। चित्तौड़गढ़। कोरोना  संक्रमण में उपचार के लिए काम आने वाले पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर जैसे उपकरण महंगे होने के कारण कई लोग इन्हें नहीं खरीद पाते हैं। इसी परेशानी को समझ कर जिले में कार्यरत आत्मबोध संस्था के लोगों ने एक अनूठी पहल की। डॉ. लवकुश पाराशर के नेतृत्व में संक्रमण से पॉजिटिव से नेगेटिव हुए लोगों ने मिलकर जरूरतमंदों को देने का बीड़ा उठाया। इन उपकरणों को सेनीटाइज करने के बाद एक ही स्थान पर सुरक्षित रख दिया और चिकित्सा विभाग और जिला प्रशासन को सूचित कर दिया। लगभग 250 लोग इस अनूठे बैंक से लाभान्वित हो रहे हैं । भगवत कंवर राजावत ने बताया कि इनका रजिस्टर मेंटेन कर चिकित्सा विभाग के जरिए सूचना मिलने पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाता है। 30 लोगों की एक टीम इस काम में जुटी हुई है।