अजमेर से नवीन वैष्णव की एक्सक्लुसिव खबर

कहते हैं नेताजी की कथनी और करनी में अंतर होता है। यही सब देखने को मिला अजमेर के अंबेडकर सर्किल पर। दरअसल कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉ राजकुमार जयपाल का जन्मदिन मनाने के लिए कांग्रेस से जुड़े कई लोग व अन्य यहां एकत्रित हुए। यहां पर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माला पहनाकर जयपाल के जन्मदिन का कार्यक्रम शुरू किया गया। जिसमें जयपाल को माला और साफा पहनाया। इसके बाद डॉ जयपाल ने तलवार से केक भी काटा । इस सब के बावजूद भी डॉजयपाल ने मीडिया से कहा कि 2 साल पहले एससी एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ उठाई गई आवाज पर पुलिस द्वारा बर्बरता करने को लेकर वह जन्मदिन को काला दिवस के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के खिलाफ उन्होंने न्यायालय में भी मामला दर्ज करवाया था जो विचाराधीन है।

अब नेताजी की बात मानें तो सवाल यह उठता है कि यदि केक काटने और साफे के साथ माला पहनने को ही काला दिवस कहा जाता है तो फिर असली काला दिवस किसे कहा जाएगा?

जयपाल के जन्मदिन को लेकर शहर भर में पोस्टर भी लगे हुए हैं। जिसमें शुभकामनाएं दी जा रही है और इसमें जयपाल के अलावा अन्य लोगों की भी फोटो है।

सरकार की गाइड लाइन भी भूले

डॉ जयपाल ने अपना जन्मदिन मनाने के दौरान अपनी ही पार्टी की सरकार द्वारा निर्धारित की गई गाइड लाइन की भी धज्जियां उड़ा दी। अंबेडकर सर्किल पर डॉ जयपाल का जन्मदिन मनाते समय अधिकांश लोगों के चेहरे से मास्क गायब था और यहां सोशल डिस्टेंसिंग भी कहीं नजर नहीं आई। जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार कोरोना के बढ़ते आंकड़ों को लेकर गाइड लाइन की पालना करने की अपील कर रहे हैं।