बाड़मेर ब्यूरो रिपोर्ट।
देखिये तस्वीरों की जुबानी पुलिस मुठभेड़ में गुरुवार देर रात कुख्यात तस्कर कमलेश प्रजापति के ढेर होने की कहानी। कमलेश ने पहले एसयूवी गाड़ी से पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की थी। आत्मघाती हमले के बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए तस्कर पर AK47 से फायर किया। गोली उसके हाथ से लगती हुई दायीं तरफ कंधे के नीचे लगी। रातभर चली कार्रवाई में लाखों रुपए, अवैध हथियार, कारतूस, लग्जरी वाहन जब्त किए हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि शिवकर रोड सेंट पॉल स्कूल के पास कमलेश प्रजापत एक मकान में मौजूद है। इसके बाद कोतवाली, सदर, ग्रामीण थानों की पुलिस, कमांडो और स्पेशल टीम ने मकान को चारों तरफ घेर लिया। मकान के मुख्य द्वार पर पुलिस ने गेट खुलवाने की कोशिश की। तस्कर खिड़की से कूदकर पीछे गैराज में खड़ी एसयूवी से 400 किलो के भारी भरकम गेट को तोड़ा तथा गैराज के बाहर खड़े पुलिस हेड कांस्टेबल मेहाराम और अन्य कांस्टेबल को गाडी से कुचलने का प्रयास किया। पुलिस के कमांडो दिनेश ने आत्मरक्षा में तीन फायर किए। तस्कर की गोली लगने से उसकी मौत हो गई। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्रित कर लिए हैं।
एनकाउंटर के बाद पुलिस ने रातभर मकान में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कार्यपालक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सर्च ऑपरेशन में 59 लाख 69 हजार 50 रुपए, लग्जरी वाहनों सहित 11 वाहन (अलग-अलग कम्पनी के), 5 अवैध पिस्टल, 9 मैगजीन, 121 कारतूस, 2 किलो 360 ग्राम अफीम का दूध, 1 किलो 715 ग्राम डोडा-पोस्ट, 13 मोबाइल फोन व 4 डोगल, एक एटीएम पुलिस ने जब्त किए हैं।





0 टिप्पणियाँ