ब्यूरो रिपोर्ट

 जयपुर। प्रदेश में अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा संचालित पीएम कुसुम कम्पोनेन्ट-ए योजना के अंतर्गत देश के प्रथम सौर ऊर्जा संयंत्र से कोटपूतली तहसील के भालोजी गांव में ऊर्जा उत्पादन आरम्भ हो गया है। परियोजना की स्थापना के लिए विद्युत क्रय अनुबंध सितम्बर-2020 को जयपुर विद्युत वितरण निगम की ओर से ऊर्जा विकास निगम तथा  देवकरण यादव के बीच 25 वर्ष की अवधि हेतु किया गया है। इस परियोजना का निर्माण 3.50 एकड़ भूमि पर किया गया है। व 1 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना की लागत लगभग 3.70 करोड़ की है। इस अवसर ऊर्जा मंत्री डॉ. बी.डी कल्ला ने कहा कि  मुख्यमंत्री की अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में विकास एवं निवेश की महत्वकांक्षी योजनाएं हैं। राज्य सरकार द्वारा दिसम्बर 2019 में सौर ऊर्जा एवं पवन तथा हाईब्रिड ऊर्जा की नवीन नीतियां भी जारी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि  वर्ष 2025 तक कुल 38000 मेगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता की स्थापना का लक्ष्य हैं, जिसमे रूफटाप विकेन्द्रीकृृत एवं मेगा सोलर एवं हाईब्रिड पार्को की परियोजनाएं सम्मिलित है। डॉ. कल्ला ने कहा कि यह अत्यंत गौरव का विषय है कि राज्य के कृषक द्वारा अपनी बंजर भूमि पर विद्युत उत्पादन की प्रथम परियोजना स्थापित कर राजस्थान देश का प्रथम राज्य बन गया है। बजट घोषणा 2019-20 के तहत प्रदेश में इस योजना के अन्तर्गत 2600 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसमें से अब तक 722 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं हेतु लेटर ऑफ अवार्ड जारी किये जा चुके हैं। अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया गया कि इस प्रोजेक्ट से अनुमानित 17 लाख यूनिट विद्युत का उत्पादन प्रतिवर्ष होगा। जिसे जयपुर विद्युत वितरण निगम द्वारा 3.14 रूपये प्रति यूनिट की दर पर 25 वर्ष तक क्रय किया जाएगा। जिससे संबंधित कृृषक को प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख रूपये का राजस्व प्राप्त होगा। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इस योजना के प्रथम चरण में कुल 722 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित करने हेतु 623 सौर ऊर्जा उत्पादकाें का चयन किया गया है। व आगामी चरणों में कुल 2600 मेगावाट क्षमता स्थापित करने की योजना है। प्रमुख शासन सचिव, ऊर्जा  दिनेश कुमार ने इस योजना के क्रियान्वयन के बारे मे  बताया कि कुसुम कम्पोनेन्ट-ए का क्रियान्वयन राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम, संबंधित डिस्कॉम व राजस्थान ऊर्जा विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान से किया जा  रहा है।  प्रथम चरण मे 623 सौर ऊर्जा उत्पादको (एस.पी.जी) में से 201 सौर ऊर्जा उत्पादकों द्वारा परियोजना सुरक्षा राशि जमा करा दी गई है। इनमे से 170 एस.पी.जी ने विद्युत क्रय अनुबन्ध साइन कर लिये है।

उन्होंने बताया कि  प्रदेश में इस योजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार मे वृद्धि के साथ प्रदूषण रहित एवं स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।