ब्यूरो रिपोर्ट

जयपुर। वन्यजीव अभयारण्यों में प्रवेश शुल्क में वृद्धि से टूरिज्म होगा प्रभावित - विश्वेंद्र सिंह 

भरतपुर। प्रदेश में राष्ट्रीय उद्यानों एवं वन्यजीव अभयारण्यों में पर्यटकों के प्रवेश शुल्क में फिर से 10 प्रतिशत वृद्धि की गई है। यह नई दरें 1 अप्रेल से लागू की गई हैं। इसमें पर्यटक प्रवेश शुल्क, पर्यटक वाहन प्रवेश शुल्क, बोट एवं इलेक्ट्रिक वाहन प्रवेश शुल्क, बोटिंग शुल्क और कैमरा फीस की दरों में वृद्धि शामिल है। पूर्व पर्यटन मंत्री एवं डीग-कुम्हेर विधायक विश्वेंद्र सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शुल्क में हर वर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि से टूरिज्म पर खासा प्रभाव पड़ेगा। कोरोना के बाद से टूरिज्म सेक्टर में शुल्क वृद्धि से घरेलु और विदेशी पर्यटकों की जेब पर असर पड़ेगा और वे यात्रा करने से हिचकिचाएंगे। सवाईमाधोपुर के रणथम्भौर टाईगर रिजर्व में भ्रमण पर आने वाले भारतीय पर्यटकों से 140 और विदेशी पर्यटकों से 1 हजार 70 रुपए प्रति पर्यटक वसूल किए जाएंगे। वहीं केवलादेव नेशनल पार्क, भरतपुर; सरिस्का टाईगर रिजर्व, अलवर और मुकुंदरा टाईगर रिजर्व में भारतीय पर्यटकों से 105 और विदेशी पर्यटकों से 675 रुपए प्रति पर्यटक वसूले जाएंगे। वहीं अन्य अभयारण्यों में भारतीय पर्यटकों को 75 और विदेशी पर्यटकों को 410 रुपए प्रति पर्यटक देने होंगे। रणथम्भौर टाईगर रिजर्व में जिप्सी से भ्रमण के लिए पर्यटकों को 1 हजार 75 रुपए शुल्क देना होगा। जिप्सी से आधा दिन/ पूरा दिन के लिए विशेष प्रवेश शुल्क है। भारतीय पर्यटकों के लिए पूरे दिन के लिए जिप्सी का शुल्क 39 हजार 930 रुपए प्रति वाहन प्रति यात्रा है और विदेशी पर्यटकों के लिए 53 हजार 240 रुपए प्रति वाहन प्रति यात्रा है। वहीं आधे दिन के लिए जिप्सी का शुल्क भारतीय पर्यटकों के लिए 19 हजार 965 रुपए और विदेशी पर्यटकों के लिए 26 हजार 620 रुपए प्रति वाहन प्रति यात्रा वसूला जाएगा। वहीं बस के लिए 805 रुपए और जीप के लिए 510 रुपए प्रति वाहन प्रति यात्रा देने होंगे। केवलादेव नेशनल पार्क, भरतपुर; सरिस्का टाईगर रिजर्व, अलवर और मुकुंदरा टाईगर रिजर्व में जिप्सी और जीप के लिए 345 रुपए प्रति वाहन प्रति यात्रा और बस के लिए 540 रुपए शुल्क प्रति वाहन प्रति यात्रा देना होगा।