मरीजों के शरीर में जाकर ये ऑक्सीजन जो चमत्कार करेगी तब करेगी लेकिन जामनगर से जैसे ही यह फ्लाइट आई और यह ऑक्सीजन टैंकर बाहर आना शुरू हुआ, वहां मौजोदड हर शख्स ने राहत भरी ठंडी सांस छोड़ी।
एयरपोर्ट पर मौजूद हर शख्स इस टैंकर को निकलते अपनी साँसे थामे हुए था मानो इसमें मौजूद ऑक्सीजन उसी के लिए आई हो।
क्या पता था कि जिस बेमोल हवा को हम अब तक यूँही हवा में उड़ाते रहे वही हवाई जहह के ज़रिए मंगवानी पड़ेगी।





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