जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट,
सीएम की घोषणा की अनुपालना में प्रदेश की 5 जगहों पर स्टेट फ्लाइंग क्लब या स्कूल के लिए नागरिक उड्डयन विभाग ने कवायद शुरू की है। इसके लिए अभी आम लोगों से 26 अप्रैल तक सुझाव मांगे गए हैं। वहीं कई तरह की तकनीकी अड़चनों की वजह से फिलहाल यह प्रोजेक्ट बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहा है।
बतादे स्टेट फ्लाइंग क्लब या स्कूल के लिए अलवर, नागौर,आबू रोड, गंगानगर, हमीरगढ़ में उपयुक्त और अनुकूल माहौल है। फ्लाइंग स्कूल शुरू करने के लिए यहां पर उपयुक्त सुविधाएं हैं।यहां हवाई पट्टियां और विमान उड़ाने,टेकऑफ और लैंडिंग की अच्छी फैसिलिटी है। यहां दिन-रात फ्लाइट संचालन संबंधी सुविधाएं हैं।आबादी से दूरी और अन्य पहलुओं को लेकर भी यह जगह मुफीद हैं। इसलिए सरकार या पीपीपी आधार पर फ्लाइंग स्कूल्स का संचालन करना चाहती है।
सरकार ने मांगे सुझाव,
अभी सरकार ने आम लोगों से 26 अप्रैल तक सुझाव मांगे हैं। 15 दिन में इसके संचालन की रूपरेखा या मसौदा तैयार हो सकता है। सीएम और सक्षम स्तर पर मंजूरी ली जाएगी। फिर फ्लाइंग स्कूल शुरू करने की इच्छुक कंपनियों से प्रपोजल मांगे जाएंगे।इसमें सरकार के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद प्रपोजल को मंजूरी दी जाएगी।इस प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से अंजाम दिया जाएगा।
पूर्व में क्या हुआ था,
पूर्व में इसे लेकर विभाग ने काफी एक्सरसाइज की थी।लेकिन कोई योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। पूर्व में यह ट्रेनिंग जयपुर में स्टेट हैंगर दो में होती थी।लेकिन ट्रेनिंग शुरू न होने से एनसीसी ने ग्लाइडर्स की ट्रेनिंग के लिए इसे मांगा। तत्कालीन सीएस की अध्यक्षता में 19 दिसंबर 2016 को इस बारे में हुई बैठक में यह प्रस्ताव खारिज कर दिया गया था और तब से जयपुर में हवाई सेवा की ट्रेनिंग का सपना डंप माना जा रहा था लेकिन फरवरी 2020 में सीएम गहलोत की ओर से बजट में हुई घोषणा के बाद स्टेट फ्लाइंग क्लब या स्कूल के लिए नागरिक उड्डयन विभाग ने कवायद शुरू की है।


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