कोरोना काल में जहां संक्रमित होने के बाद मरीज पूरी तरह से स्वयं को आइसोलेट या क्वारेंटाइन कर रहा है, वहीं इसके उलट हमारे चिकित्सा विभाग के मुखिया बूंदी जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेन्द्र त्रिपाठी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। रविवार शाम को उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बावजूद सोमवार सुबह वे राज्य मंत्री अशोक चांदना की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट मेें आयोजित बैठक में हिस्सा लेने पहुंच गए। अब सवाल ये उठता है कि जब सीएमएचओ जैसे जिम्मेदार अधिकारी ही ऐसी लापरवाही बरतेंगे, तो आमजन से क्या उम्मीद की जा सकती है। यही नहीं, उनके साथ लगभग 30 कर्मचारी भी इस समय कोरोना संक्रमित हैं, जिससे सीएमएचओ होने के नाते उनकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे स्वयं सहित अपने कर्मचारियों को भी बिना लापरवाही बरते अपने इलाज पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करें।
जानकारी के अनुसार बैठक में राज्य मंत्री अशोक चांदना सहित जिला कलेक्टर आशीष गुप्ता, जिला प्रमुख चंद्रावती कंवर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर एयू खान, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुरलीधर प्रतिहार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोरी लाल, उपखंड अधिकारी कैलाश गुर्जर आदि शामिल थे, जिससे अब मंत्री चांदना, जिला प्रमुख एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर कोरोना संक्रमण का खतरा मंडराता नजर आ रहा है। हद तो तब हो गई जब सीएमएचओ डॉ महेंद्र त्रिपाठी सोमवार को अपने कार्यालय में पहुंच गए एवं सहकर्मियों के साथ काम करते रहे। उनकी इस लापरवाही के चलते मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के अन्य कार्मिक भी गहरे सदमे में है। यहां बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव सामने आने की आशंका जताई जा रही है।
बूंदी से ...


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