धौलपुर से मुनेश धाकरे की रिपोर्ट

धौलपुर. कोरोना महामारी ने ज़िन्दगी तो पटरी से उतार ही दी है जो जैसे तैसे सामन्य जीवन जीने का प्रयास कर रहें हैं वे भी हड़बड़हाट का शिकार हो रहें हैं। 

 सोमवार को सैंपऊ कस्बे के मुख्य बाजार में ऐसा ही एक वाकया सामने आया, जब बाजार में मौजूद सहेली साड़ी सेंटर नाम की दुकान के दुकानदार द्वारा बाजार में पुलिस के आने की हड़बड़ाहट में 2 महिलाओं को दुकान के अंदर ताले में बंद करके भूल गया और खुद दुकान बंद करके साले की बच्ची की शादी में बाड़ी चला गया। दुकान के अंदर 3 घंटे तक बैठी दोनों मां बेटियों की दम जब घुटने लगा तो उन्होंने अंदर से शटर को तेजी से खटखटाना और चिल्लाना शुरू कर दिया। अचानक बंद दुकान के अंदर से चीखने चिल्लाने की आवाज और शटर के खटखटाने की आवाज जैसे ही राहगीर एवं स्थानीय ग्रामीणों ने सुनी तो वे दुकान की तरफ दौड़े, लेकिन बाहर से शटर पर ताला लगा होने के कारण कुछ नहीं कर सके। देखते ही देखते दुकान के आगे लोगों की भीड़ जमा हो गई।  तभी कई पुलिस गाड़ियों के साथ भ्रमण पर निकले पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत लोगों की भीड़ देखकर रुक गए।



 उन्हें जैसे ही लोगों ने दुकान के अंदर 2 महिलाओं के बंद होने की जानकारी दी तो उन्होंने दुकानदार को दुकान के बाहर लिखे नंबर पर फोन लगाया और महिलाओं के बंद होने की जानकारी दी। दुकानदार बनवारी पुत्र रतिराम निवासी पिपहेरा के द्वारा एक शादी में होने की जानकारी दी गई और मौके पर आने में समय लगने की बात कही। एसपी शेखावत ने बिना देर किए ही एक्शन लेते हुए दुकान के शटर पर लगे ताले को पुलिसकर्मियों से तुड़वा दिया। पुलिस ने जैसे ही दुकान का शटर उठाया तो उसके अंदर से दोनों मां बेटी पसीने से लथपथ और घबराई हुई बाहर निकली। 



एसपी शेखावत ने दोनों मां बेटियों को ढांढ़स बंधाया और नाम, गांव की जानकारी की तो महिला ने अपना नाम मंजू पत्नी राकेश कुशवाह, और बेटी का वैष्णा कुशवाह निवासी  तलैया का नगला बताया। एसपी द्वारा मां बेटियों को बिल्कुल भी नहीं घबराने और आराम से घर जाने को कहा गया तब जाकर मां बेटी की जान में जान लौटी।