ब्यूरो रिपोर्ट!

सूचना का अधिकार लागू होने के बाद भी कई विभागों के अफसर इस मामले में लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में अब राज्य सूचना आयोग ने इस दिशा में सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। सूचना आयुक्त नारायण बारेठ ने चार अलग-अलग मामलों में ऐसे ही अधिकारियों पर जुर्माना लगाकर विभाग की ताकत दिखा दी है। आयोग ने समय पर सूचना नहीं देने पर खान, वन और शिक्षा विभाग के तीन अधिकारियों पर ₹30000 का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना राशि अधिकारियों की तनख्वाह में से काटी जाएगी। खान विभाग में संबंधित मामला पत्थर खदानों की लीज के निरीक्षण में पाई गई कमियों और वेतन लीज में नदी नालों की सूचना से जुड़ा है। इसके बारे में कोटा जिले के रामगंज मंडी के महावीर ने आयोग में शिकायत की थी। वन क्षेत्र में प्रभावशाली लोगों के कुआं खोदने को लेकर बलराम मीणा ने शिकायत दर्ज कराई थी और जानकारी मांगी थी। इसी तरह वेतन स्थिरीकरण के बारे में रमेश चंद्र जैन को सूचना नहीं देने पर प्रतापगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी पर ₹5000 का जुर्माना लगाया गया है। वही खान विभाग के अधिकारियों पर 20000 और वन विभाग पर 5000 का जुर्माना लगाया गया है।