ब्यूरो रिपोर्ट।
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के प्रत्येक जिले की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास के लिए मुख्यमंत्री जिला नवाचार निधि योजना को मंजूरी दी है । राज्य वित्त पोषित इस योजना में प्रत्येक जिले को एक एक करोड़ रुपए प्रति वर्ष आवंटित किए जाएंगे । इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिला कलेक्टर द्वारा अनुभव की गई जिले की स्थानीय आवश्यकता तथा जन आकांक्षाओं के अनुरूप उनके नवाचारों का समावेश करते हुए जनोपयोगी परिसंपत्तियों की सृजन से संबंधित कार्य स्वीकृत कर रोजगार के अवसर सृजित करना है । गौरतलब है कि गहलोत ने राज्य बजट में इस योजना की घोषणा की थी। इस योजना में ऐसी गतिविधियों एवं कार्यों का क्रियान्वयन किया जाएगा जिनके लिए पूर्व में संचालित योजनाओं में प्रावधान उपलब्ध नहीं है । ग्रामीण विकास विभाग राज्य स्तर पर इस योजना का नोडल विभाग होगा। तथा जिला स्तर पर जिला परिषद कार्यों की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी होगी। इस योजना में उपलब्ध राशि के लिए कार्यों की सूची जिला कलेक्टर द्वारा जारी की जाएगी । इसके साथ योजना के तहत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में की पूर्ति हेतु स्थानीय समुदाय के लाभ एवं उपयोगिता से संबंधित वे सभी जन उपयोगी कार्य करवाए जा सकेंगे। जिनसे सामुदायिक परिसंपत्तियों या आधारभूत भौतिक सुविधाओं के सर्जन के साथ साथ क्षेत्रीय विकास एवं रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकेंगे।


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