आमजन की सुरक्षा और अपराधियों में डर का दम भरने वाली प्रदेश पुलिस के कई बार ऐसे कारनामे सामने आते हैं जिन्हें देखकर हैरत ही नहीं होती बल्कि पूरे तंत्र पर कई सवालिया निशान खड़े हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जयपुर जिले के कालवाड थाने का। यहां से एक केस की फाइल दूसरे विभाग को जाने में 5 साल लग गए। जिस फाइल को थाने से एसओजी जाने में 5 साल लगे उसकी जानकारी ट्रायल कोर्ट ने अप्रैल 2019 में ही दे दी थी।

 इसके बाद भी थाना पुलिस ने 2 साल बाद अप्रैल 2021 यानी इसी महीने में फाइल को एसओजी में भेजा है। आपको बता दें कि 4 जून 2011 की रात कालवाड थाने के मांचवा गांव में निर्माणाधीन भवन में सो रहे कॉलेज संचालक बंशीधर जाट की अज्ञात हमलावरों ने सरियों से वार करके न्रशंस हत्या कर दी थी। 5 साल तक हत्यारे नहीं पकड़े गए तो मृतक के बेटे ने हाईकोर्ट में याचिका पेश कर सीबीआई जांच कराने की मांग की।


 हाई कोर्ट ने 2016 में इस मामले की तफ्तीश एसओजी को दी और एडीजी स्तर के अधिकारी से निगरानी कराने के लिए कहा। पुलिस ने हाईकोर्ट के इस आदेश की पालना करने में 5 साल लगा दिए और यह फाइल इसी महीने एसओजी के पास पहुंची। अब फाइल के देर से पहुंचने की जांच के लिए एसीपी झोटवाड़ा हरिशंकर शर्मा को कमान सौंपी गई है।

ब्यूरो रिपोर्ट!