श्रीगंगानगर से राकेश मितवा की खबर
दुर्घटना में घायल की वीडियो बनाने की बजाए हमें मदद के हाथ आगे बढ़ाते हुए सहायता करनी चाहिए। किसी दूसरे का या एम्बुलेंस का इंतजार करने की बजाए घायल को तत्काल नजदीकी हॉस्पीटल में पहुंचाना चाहिए, ताकि अनमोल जिंदगी बच सके।’ इसी सद्विचार एवं संदेश के साथ शनिवार को जिला कलेक्टर महावीर प्रसाद वर्मा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए दो जिंदगियां बचाई। जिला कलेक्टर वर्मा ने न केवल सडक़ पर लहूलुहान स्थित में पड़े घायलों को सरकारी वाहनों से हॉस्पीटल पहुंचाया बल्कि उनके साथ जा रहे सीएमएचओ डॉ. गिरधारी मेहरड़ा स्वयं घायलों के साथ हॉस्पीटल पहुंचे एवं उपचार करवाया।दरअसल, कोविड प्रकोप के चलते शनिवार दोपहर जिला कलेक्टर महावीर प्रसाद वर्मा एवं सीएमएचओ डॉ. गिरधारी मेहरड़ा सहित अन्य अधिकारी अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित चेक पोस्ट का निरीक्षण करने साधुवाली से पतली बेरियल जा रहे थे। इसी दौरान सादुलशहर के नजदीक सडक़ पर भीड़ नजर आई, जहां दो घायल लहूलुहान स्थित में पड़े थे। कुछ लोग घायलों की फोटो कर रहे थे तो कुछ वीडिया बना रहे थे। इस पर जिला कलेक्टर ने अपने वाहन को रूकवाते हुए जानकारी ली, जिस पर बताया कि अभी दुर्घटना हुई है और एम्बुलेंस को फोन किया है।जिला कलेक्टर ने घायलों की हालात देखते हुए तत्काल सरकारी वाहनों से दोनों को नजदीकी सीएचसी पर भेजने के लिए कहा। जिस पर सीएमएचओ डॉ. मेहरड़ा ने स्वयं अपने वाहन सहित एक अन्य वाहन से दोनों घायलों को लेकर सीएचसी सादुलशहर लेकर गए एवं उनका उपचार शुरू करवाया। इस दौरान जिला कलेक्टर वर्मा ने आमजन से आह्वान किया कि जब भी सडक़ पर कोई घायल मिले तो बिना किसी संकोच या झिझक के उसकी मदद करनी चाहिए और उसे नजदीकी हॉस्पीटल पहुंचाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के भी इस संबंध में निर्देश है कि गुड सेमेरेटियन होने के नाते घायलों की मदद करनी चाहिए। घायल को पहुंचाने वाले से पुलिस या हॉस्पीटल प्रबंधन सवाल-जवाब नहीं कर सकते। ऐेसे में हमारी एक छोटी सी मदद से किसी की जिंदगी बच सकती है।


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