अब आप इसे चाहे होनी का खेल मानो या समय की मार । कोरोना काल के दौरान होने वाली हजारों शादियां दूल्हा दुल्हन के लिए। जीवन भर यादगार साबित होंगी। आपको बता दें कि सरकार की ओर से शुक्रवार को ही जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार शादी से जुड़े सभी काम 3 घंटे की अवधि में निपटाने के आदेश दिए गए हैं
और वह भी 50 आदमियों की मौजूदगी के साथ। इसमें कोढ़ में खाज वाली कहावत का अर्थ साफ नजर आ रहा है। जिनके घर में शादियां हैं उनकी हालत तो पहले से ही खराब है। 50 में किस-किस को चुने? किसको अपनाएं और किसको ठुकराए। इस जद्दोजहद के बीच तो वैसे ही चल रहे थे और अब 3 घंटे की बंदिश ने सारा मजा एक तरह से किरकिरा कर दिया। भागते दौड़ते बारात आएगी। फटाफट तोरण होगा।
आनन-फानन में वरमाला होगी और पंडित जी को साफ हिदायत दी जाएगी कि फेरों का समय कम करें, जो भी जरूरी मंत्र हो वही बोले औऱ फेरे जल्दी निपटाए। फटाफट बाकी की सारी रस्में पूरी करने के बाद तुरंत विदाई भी हो जाएगी। कहने का मतलब यह है कि ये है कि कोरोना के साये में हुई शादियां दूल्हा-दुल्हन जिंदगी भर नहीं भूलेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट!


1 टिप्पणियाँ
बहुत बुरे हाल है🙁
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