कोरोना के बीच प्रदेश में शादियों के मुहूर्त सावों की शुरुआत हो गई है। सोमवार को ही लगभग 1000 शादियां होने का अनुमान है। गाइडलाइन के चलते शादियों में ज्यादा से ज्यादा 50 लोगों के सम्मिलित होने की अनुमति है। इसी की पालना के लिए जिला प्रशासन ने निगम अधिकारियों के साथ मिलकर टीमें गठित है
और उनकी नजर हर विवाह स्थल और होटलों पर रहेगी। आपको बता दें कि सरकार ने शादी के लिए यह नियम भी बनाया है कि शादी का काम 3 घंटे की अवधि में ही निपटा लिया जाए। उसमें यह कहा गया है कि 3 घंटे की अवधि मेहमानों के आने जाने और खाने के लिए है। बाकी सीमित लोगों के साथ विवाह की रस्में पूरी करने के लिए समय की कोई पाबंदी नहीं है। उधर रविवार को भी राजधानी में हुई शादियों के दौरान लोग गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते पाए गए। जांच में पाया गया कि अधिकतम 50 लोगों की सीमा से कई गुना लोग विवाह स्थल में मौजूद मिले।
इस पर वैशाली नगर में तीन विवाह स्थलों पर कार्यवाही की गई। और उन पर ₹55000 का जुर्माना लगाया गया। वहीं कई लोगों को बिना मास्क भी पाया गया और मौके पर ही उनसे प्रति व्यक्ति ₹500 की जुर्माना राशि वसूल की गई।
राज्य सरकार की मंशा कुछ समझ नहीं आ रही है। एक तरफ राज्य के गृह विभाग ने आदेश निकल दिया है है एक जिले के वहां दूसरे जिले में प्रवेश नहीं कर सकेंगे और दूसरी तरफ शादी/विवाह में 25 लोगों को शामिल होने की अनुमति भी दे राखी है है। सोमवार को जबरदस्त सावा है ऐसे में वर और वधु अपक्ष दोनों की ही एक जिले से दूसरे जिले में आवाजाही की पूरी संभावना है क्योंकि सरकार ने जिले के बाहर शादी के लिए सम्बन्ध तय करने पर तो कोई रोक लगाई नहीं थी। गृह विभाग के आदेशों में अस्पष्टता के चलते काफी झमेला और असुविधा होने की आशंका है। शादी में शामिल होने वाले तू खैर अपने वहां ले कर कल निकालेंगे ही ऐसे में बेहतर होगा अगर सरकार बैरिकेड पर तैनात पुलिसकर्मियों को आदेशों की स्पष्टतता समझा दे।
ब्यूरो रिपोर्ट!



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