कोटा से हँसपाल यादव की रिपोर्ट।
बारां रिश्वत प्रकरण के आरोपी पूर्व जिला कलेक्टर इन्द्र सिंह राव की जेल अवधि एसीबी न्यायालय ने 19 मई तक के लिए बढ़ा दी है। मामले में कोई प्रगति नहीं हो सकी। आज नियत तिथि पर अभियोजन स्वीकृति नहीं आने के कारण आरोपी की जेल अवधि बढ़ाई गई है। आरोपी पूर्व जिला कलेक्टर इन्द्र सिंह राव विगत 124 दिनों से जेल के सीखचों में बंद चला आ रहा हैं।
विदित रहे पूर्व कलेक्टर इंद्र सिंह राव पर अपने पीए महावीर नागर के जरिए पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने के की एवज में 1.40 लाख रूपये रिश्वत लेने का आरोप है। एसीबी कोटा की टीम ने 9 दिसंबर को परिवादी से रिश्वत 1.40 लाख रूपये लेते हुए पीए महावीर नागर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। एसीबी ने जांच पड़ताल व पीए से पूछताछ में पुख्ता सबूत मिलने पर पहले तो आरोपी इंद्र सिंह राव के विरुद्ध 7,7ए पीसी एक्ट एवं 120 बी आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और फिर जयपुर में उसे 23 दिसंबर को देर शाम गिरफ्तार किया गया। आरोपी को बीते गुरुवार 24 दिसंबर को जिला न्यायालय कोटा में पेश किया। जहां से उसे एक दिन के लिए रिमांड पर सौंप दिया गया था। आरोपी इंद्र सिंह राव को रिमांड अवधि समाप्त होने पर 25 दिसंबर को जिला न्यायाधीश के आवास पर पेश किया था। जहां से उसे 6 जनवरी तक के लिए जेल भेज दिया था। जेल अवधि समाप्त होने पर न्यायालय द्वारा आरोपियों की जेल अवधि 20 जनवरी तक बढ़ा दी गई थी। अब फिर से कोर्ट ने दोनों आरोपियों की जेल अवधि 2 फरवरी के बाद 15 फरवरी तक बढ़ा दी थी। इसके बाद कोर्ट ने दोनों की जेल अवधि एक मार्च तक के लिए बढ़ा दी थी। उसके पश्चात भी बढ़ाई गई जेल अवधि के तहत आरोपी पीए महावीर नागर और पूर्व कलेक्टर आईपीएस इन्द्र सिंह राव कोटा जेल में बंद चले आ रहे थे। इनमें से एक आरोपी पीए महावीर नागर उच्च न्यायालय से जमानत पाकर 126 दिन बाद गत 15 अप्रैल को जमानत पर जेल से रिहा हो गया और आरोपी इंद्र सिंह राव 23 दिसंबर 2020 को गिरफ्तारी के साथ ही 124 दिन से जेल में बंद चला आ रहा है। आज 23 अप्रैल को नियत तिथि पर अभियोजन स्वीकृति नहीं मिलने के कारण न्यायालय द्वारा आरोपी की जेल अवधि 19 मई तक कर दी गई है।


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