देशभर में 1 मई से शुरू होने जा रहे 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को टीकाकरण के मामले में प्रदेश में अभी तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि यूपी एमपी बिहार और कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ ने इस बारे में पहले ही निशुल्क वैक्सीनेशन करने की घोषणा कर दी है।


लेकिन गहलोत सरकार इस बारे में अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाई है। इसके अलावा पीके की नई कीमतों पर भी विवाद की स्थिति बनी हुई है। केंद्र यदि फ्री वैक्सीन देने के लिए नहीं माना तो राजस्थान समेत अन्य राज्यों के सीएम संयुक्त तौर पर पीएम के सामने अपनी बात रख सकते हैं कि इसकी कीमत सभी जगह एक समान होनी चाहिए। कंपनी से भी कीमत को लेकर मोलभाव होगा।

 बुकिंग और उत्पादन में भी समय लगेगा। ऐसे में जून से पहले प्रदेश में। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए वैक्सीनेशन कर पाना मुश्किल नजर आ रहा है। आपको बता दें कि इस समय 45 और इससे अधिक आयु वर्ग के लिए ही वैक्सीन का टोटा हो रहा है। कई टीकाकरण केंद्रों पर जवाब मिल रहा है कि वैक्सीन खत्म हो गई बाद में आना। इन हालातों के चलते लगभग 3 करोड लोगों के लिए वैक्सीन उपलब्ध करवाना वास्तव में मुश्किल साबित होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट!