ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर और राजधानी जयपुर में बुधवार को कोरोना ने मौत का तांडव मचाया और एक ही दिन में 65 लोगों की सांसें छीन ली। इस दिन प्रदेश में हुई कुल 120 मौतों में से इन दोनों जिलों का ग्राफ 50% से भी ऊपर रहा। जोधपुर में 33 और जयपुर में 32 लोगों की सांसें बुधवार को थम गई। इसके अलावा उदयपुर में 11 बीकानेर में 7 अलवर में 5 और कोटा में चार सहित कई जिलों में मरीज इस महामारी के शिकार बन गए। नए साल के शुरुआती दो महीनों के दौरान लगभग विदा होता दिखाई दे रहा कोरोना वायरस तीसरे महीने के पखवाड़े में। वापस लौटा और अप्रैल में तो इसने ऐसा कहर ढाया कि तमाम प्रयास और इंतजाम आज सब कुछ धरे के धरे से नजर आ रहे हैं। हर घर में सिर्फ एक यही चिंता है कि कहीं हमारे घर में यह बीमारी प्रवेश नहीं कर जाए। अगर यह चिंता इसके शुरुआती काल के दौरान ही कायम रहती और हम लोग लापरवाह नहीं होते तो कम से कम ऐसी नौबत तो नहीं आती। फिलहाल हमें हमारी लापरवाही का भारी नतीजा भुगतना पड़ रहा है। इसीलिए जन अनुशासन पखवाड़े के दौरान घरों में कैद रहते हुए भी हम लोग इस बीमारी के प्रसारक बने हुए हैं और जैसे-जैसे टेस्टिंग हो रही है, वैसे-वैसे आंकड़े बढते जा रहे हैं। बुधवार को भी प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के कुल 16613 रेकार्ड केस दर्ज किए गए। एक की संख्या में कमी के साथ मंगलवार को दर्ज हुई 121 के मुकाबले कुल मौतें 120 सरकारी आंकड़ों मे सामने आई। सबसे ज्यादा पॉजिटिव मामले जयपुर में 3014, जोधपुर में 2220, अलवर में 1123, उदयपुर में 1112, सीकर में 810, कोटा में 687, पाली में 591 और सवाई माधोपुर में 580 सामने आए।


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