उदयपुर. उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डाॅक्टर राजीव पचार की व्यूह रचना के आगे न सिर्फ संभाग के जुआरियों के सालों पुराने अड्डे का खुलासा हुआ है, बल्कि सालों से चल रहे बंधी के खेल की भी परतें उघड़ कर रह गई है। इतना ही नहीं पुलिस कार्रवाई के दौरान अड्डा संचालक और जुआरियों को बुलाने वाले साथी के बीच हाथापाई हुई और दोनों ने एक - दूजे पर मुखबिरी करने के जमकर आरोप लगाए।


- केवड़ा के जंगलों में बने तबेले में चलता था अड्डा

राजकाज के सूत्रों से पता चला है कि सूरजपोल थाने के हिस्ट्रीशीटर शरीफ खान उर्फ मोड़ा का एक फार्म हाउस उदयपुर - बांसवाड़ा मार्ग पर स्थित केवड़ा की नाल के जंगलों में बना हुआ है। जो मुख्यतः घोड़ों का अस्तबल है और यहां पर सालों से जुआं और सट्टा चलाया जाता रहा है।

- यूं दिया कार्रवाही को अंजाम

जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उदयपुर शहर के हिरण मगरी थाना सीआई रामसुमेर मीणा और सवीना थाना सीआई रविन्द्र चारण की टीम ने देर रात जावर माईंस थाना क्षेत्र में स्थित इस जुएं के अड्डे पर छापा मारा और 32 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से छह लाख सतावन हजार रूपए नगद बरामद किए। बाद मौके पर पंहुचे जावरमाईंस थानाधिकारी बाबूलाल के सामने फार्म हाउस संचालक शरीफ उर्फ मोड़ा और ईशाक मिस्त्री आपस में भिड़ गए, एक दूसरे से हाथापाई करते हुए दोनों ने पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाया।

 पांच सौ रूपए में खिलाते थे जुआं

फार्म हाउस संचालक शरीफ मोड़ा और ईशाक मिस्त्री पांच सौ रूपए एक जुआरीं से लेकर यहां पर जुआ खिलाने की व्यवस्था करते थे और उसके बाद सारी गारन्टी भी उनकी ही रहती थी। सूत्र बताते हैं कि यहां पर सालों से जुआं - सट्टा चल रहा था, लेकिन आज तक कभी कार्रवाई नहीं हुई। अभी की कार्रवाई से पहले जावरर्माइंस में तैनात थानेदार कमलेंद्र सिंह का एक दिन पहले तबादला लिया, उसकी जगह बाबूलाल को तैनाती की और बाद में देर रात सवीना और हिरणमगरी पुलिस टीम को भेजकर कार्रवाई को अंजाम दिया। इससे तो साफ था कि यहां पर पुलिस को भारी मासिक बंधी दी जाती थी।