सावधानी हटी। दुर्घटना घटी। यूं तो यह स्लोगन सड़क सुरक्षा नियमों की याद दिलाता है या उसके बारे में जानकारी देता है, लेकिन अब इस स्लोगन की उपयोगिता कोरोना महामारी से निपटने की दिशा में भी एक अहम जरूरत साबित हो रही है। देश में पिछले कुछ दिनों से कोरोना पाजिटिव के मामले फिर तेजी से बढ़े हैं। महाराष्ट्र गुजरात, पंजाब और यहां तक कि मध्यप्रदेश में भी इसके आंकड़ों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है।
पिछले दिनों आम जनता ने मान लिया था कि अब कोरोना वायरस भारत से विदाई शुरू हो गई और इसी सोच ने लापरवाही बरतने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ा दिया । जब तेजी से इसका ग्राफ बढा तो केंद्र के साथ राज्य सरकारें भी सतर्क हो गई । महाराष्ट्र में लॉकडाउन जैसी स्थिति सामने आई वहीं गुजरात के कुछ शहरों में भी नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया गया।
आंकड़ों पर गौर करें। तो पिछले महीने देश में एक हफ्ते में औसत 11200 नए केस मिल रहे थे। अब यह आंकड़ा 22300 के लगभग पहुंच गया है। यानी 1 महीने के दौरान ही दोगुने केस मिलने लगे हैं। फरवरी के 1 हफ्ते में औसतन इस बीमारी से 94 मौतें हो रही थी जो बढ़कर अब 124 हो गई है यानी मौतें भी 32% बढ़ी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार सोमवार को देश में।
26291 नए केस मिले हैं। कोरोना केस का ये इस साल का सबसे बड़ा आंकड़ा है इससे पहले पिछले साल 20 दिसंबर के दिन। 26624 केस मिले थे। आंकड़ों के ग्राफ में देश के 10 राज्यों में तेजी देखी गई है जिनमें पंजाब पहले नंबर पर और राजस्थान पांचवी नंबर पर है। यदि हम! अपने आस-पास ही गौर करें तो हमें यह स्पष्ट हो जाएगा कि लोग कोरोना के मामले में लापरवाही बरतने लगे हैं।
कई जगह सोशल डिस्टेंसिंग और सेनिटाइजर का प्रयोग अब ना के बराबर हो गया है वही मास्क के बिना भी लोग नजर आते हैं और अगर मास्क लगा भी हो तो वह गले में लटका नजर आता है, बजाय मुंह और नाक ढकने के । राजकाज न्यूज़ कि आमजन से अपील है कि वे इसे हल्के में नहीं ले और जिस तरह लॉकडाउन के पहले चरण में लोगों ने अतिरिक्त सतर्कता बरतना शुरू किया था, ठीक उसी तरह अब सावधान हो जाएं। नहीं तो वही बात सावधानी हटी और दुर्घटना घटी यानी कब और किस तरह आपको कोरोना वायरस अपने आगोश में ले ले। यह कहा नहीं जा सकता।
ब्यूरो रिपोर्ट!



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