मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का फैसला अस्मत मांगने वाला पुलिस अधिकारी कैलाश बोहरा बर्खास्त विधानसभा में सरकार ने की घोषणा।
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रिश्वत के बदले अस्मत मांगने वाले पुलिस अधिकारी कैलाश बोहरा को बर्खास्त करने का फैसला किया है। विपक्ष द्वारा विधानसभा के अंदर व बाहर हंगामा करने के बाद यह कदम उठाया। संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने सदन में सरकार के तरफ से ये फैसला सुनाया। फैसले की विपक्ष ने भी सराहना की है। धारीवाल ने कहा कि यह रेयर ऑफ द रेयरेस्ट केस है और गिरफ्तारी के अगले ही दिन अधिकारी की बर्खास्तगी बताती है कि गहलोत सरकार कितनी संवेदनशील है।
इससे पहले शून्यकाल में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सदन में यह मामला उठाते हुए कहा कि एक अधिकारी महिला से 10-10 हजार रुपए रिश्वत लेता है और फिर उसकी अस्मत मांगता है। खेडली की स्याही सूखी नहीं थी, एक बार फिर पुलिस पर इस तरह का मामला सामने आया है।राठौड़ ने कहा कि कैलाश बोहरा बहुत ख्यातिनाम अधिकारी हैं। सीबीआई में इनकी जांच चल रही है, न्यायालय में मामला विचाराधीन है।
ऐसे में उन्हें इस तरह का महत्वपूर्ण पद क्यों दिया गया। वहीं नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा यह पक्ष और विपक्ष का सवाल नहीं है। जिस प्रकार की घटना घटी है और थाने में घटी है। सदन में चर्चा होने के बाद भी इस पर कोई एक्शन नहीं होगा तो आपको और हमको जनता माफ नहीं करेगी। पुलिस अधिकारी बोहरा को बर्खास्त करके मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश में पहला उदाहरण पेश किया है।


0 टिप्पणियाँ