नागौर. नागौर मे हॉर्स राइडिंग के क्षेत्र में राजस्थान की उभरती हुई घुड़सवार साइमा सैयद ने देश में इस क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है...पिछले दिनो सायमा सैयद ने 80 किलोमीटर की एंड्यूरेंस रेस में कांस्य पदक के साथ क्वालीफाई कर के 'वन स्टार' राइडर बनने की उपलब्धि प्राप्त की है..
सायमा देश की ऐसी पहली महिला घुड़सवार बन गई है.. जिसने वन स्टार केटेगरी प्राप्त की है..एक्वेस्ट्रीयन फेडरेशन ऑफ इंडिया और ऑल इंडिया मारवाड़ी हॉर्स सोसाइटी , गुजरात चेप्टर के तत्वावधान में हाल ही में गुजरात के अहमदाबाद में ऑल इंडिया ओपन ऐंड्यूरेन्स प्रतियोगिता का आयोजन किया गया..इस प्रतियोगिता में साईमा ने मारवाड़ी घोड़ी अरावली पर माउंट हो कर इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया..
प्रतियोगिता में 80 किलोमीटर की इस स्पर्धा में देश के विख्यात घुड़सवारों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा करते हुए कांस्य पदक के साथ इस रेस में क्वालीफाई किया.. नागौर जिले के बड़ी खाटू की निवासी सायमा सैयद देश की पहली महिला घुड़सवार बन गई है.. जिसने ये उपलब्धि प्राप्त की..इससे पूर्व साईमा ने 40 किलोमीटर 60 किलोमीटर और 80 किलोमीटर की प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त करते हुए क्वालीफाई किया था..
वन स्टार राइडर बनने के लिए 40 और 60 किलोमीटर की एक एक और 80 किलोमीटर की दो प्रतियोगिताओं में क्वालीफाई करना होता है..एक और उल्लेखनीय बात ये है कि घुड़सवारी की एंड्यूरेंस प्रतियोगिता में पुरुषों और महिलाओं की अलग अलग प्रतियोगिता नहीं होती बल्कि महिलाओं को भी पुरुषों के साथ ही संघर्ष करके जीत हासिल करनी होती है...
इससे पूर्व साईमा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 'वंडर वूमेन' का खिताब जीता था.. साथ ही वह शो जम्पिंग, हेक्स आदि प्रतियोगिताओं में भी भाग लेकर कई पदक जीत चुकी है.. वन स्टार बनने के बाद अब सायमा सैयद ऐंडयूरेन्स की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेगी..
अरावली की रही अहम भूमिका
एंड्यूरेन्स प्रतियोगिता में घुड़सवार के साथ घोड़े की भी अहम भूमिका रहती है...घोड़े और घुड़सवार को एक ही इकाई के रूप में देखा जाता है.. साईमा सैयद अपनी अधिकांश प्रतियोगिताओं में अपनी प्रिय मारवाड़ी घोड़ी अरावली के साथ भाग लेती है.. वन स्टार बनने के लिए आवश्यक सभी प्रतियोगिताओं में साईमा ने अरावली पर सवार हो कर ही भाग लिया.. इस तरह साईमा की इस कामयाबी में अरावली का भी बेहद महत्वपूर्ण योगदान रहा...


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