जयपुर, वाणिज्यिक कर विभाग के मुख्य आयुक्त अभिषेक भागोतिया ने एक जाली फर्म के संबंध में कर्नाटक वाणिज्यिक कर विभाग को अलर्ट जारी किया है..राज्य जीएसटी की एंटीइवेजन-वृत्त-प्रथम, बीकानेर की टीम ने फर्म के खिलाफ लगभग 651 करोड़ रूपये के जीएसटी बिलों में अनियमितताएं उजागर की है..

भागोतिया ने बताया कि कूटरचित दस्तावेजाें के माध्यम से ‘रेनिशा एन्टरप्राइजेज’ फर्म ने कर्नाटक स्थित कई फर्मों से नियम विरुद्ध व्यापार किया है.. इसलिए विभाग द्वारा कर्नाटक वाणिज्यिक कर विभाग को फर्म द्वारा की गई अनियमितताओं के बारे में सूचित किया गया है और एक अलर्ट नोटिस भी जारी किया गया है..

राज्य जीएसटी एंटीइवेजन -राजस्थान के विशेष आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने बताया कि राज्य जीएसटी की टीम ने कूटरचित बिलों के जरिये कुल बिल राशि 651 करोड रूपये का 3 प्रतिशत कर दर के आधार पर 19.53 करोड रूपये के जीएसटी क्रेडिट टैेक्स की अनियमितता को उजागर किया है..

 राज्य जीएसटी की टीम व्यवसायी के घोषित व्यवसाय स्थल सुजानदेसर, गंगाशहर, बीकानेर पर पहुंची तो घोषित व्यवसाय स्थल पर इस नाम से कोई भी फर्म संचालित नहीं पायी गई.. टीम ने वहां उपस्थित उक्त घोषित व्यवसाय स्थल के मालिक से पूछताछ की तो उसने जानकारी दी कि यहां पर इस नाम की कोई भी फर्म कभी भी कार्यरत नहीं रही हैै...

 राठौड़ ने बताया कि फर्म ‘रेनिशा एन्टरप्राइजेज’ ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पंजीयन करवा कर कर्नाटक में स्थित फर्मों से सोना खरीद-बिक्री किया जाना दर्शाया है...फर्म ने कर्नाटक की कुछ फर्मों से सोने की खरीद तथा वापस इसी माल को कर्नाटक स्थित इन्ही फर्मों को बेचान करना दर्शाया है.. 

इस प्रकार माल का यह कागजी आदान-प्रदान लगातार बड़े स्तर पर किया जा रहा था... विभाग द्वारा उक्त फर्म का पंजीयन निलम्बित कर दिया गया है और विधि अनुसार कठोर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है...