राज्य विधानसभा में सोमवार को नागौर में शिक्षिका से बदसलूकी का मामला गूंजा..शून्यकाल में आरएलपी विधायकों ने वेल मे आकर घटना के खिलाफ विरोध जताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.. इस पर स्पीकर ने नाराजगी जताते हुए दोनों को सीट पर वापस भेज दिया..
आरएलपी विधायक पुखराज गर्ग ने शून्यकाल में स्थगन के जरिए मामला उठाते हुए कहा कि एक शिक्षिका बस के इंतजार में खड़ी थी और कुछ लोग उसका अपहरण करके ले गए..यही नहीं उसे निर्वस्त्र छोड़ दिया गया.. शिक्षिका ने अपनी लाइव लोकेशन भी भेजी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की..भाजपा विधायक बिहारीलाल ने बीकानेर में अवैध बजरी खनन का मामला उठाया..
उन्होंने कहा कि बीकाने में लगातार अवैध बजरी खनन हो रहा है.. बीकानेर को कोर्ट से छूट भी मिली, मगर प्रदूषण विभाग की ओर से ईसी जारी नहीं होने से अवैध खनन बढ़ रहा है.. इससे राज्य को 20 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है.. बिहारी लाल ने मंत्री की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जाने प्रमोदजी किस प्रमोद में व्यस्त हैं और इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं..आनासागर झील में मछलियों के मरने का मामला उठाया..भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी ने आनासागर झील में मछलियों के मरने का मामला उठाया.. उन्होंने कहा कि पानी में प्रदूषण और आॅक्सीजन की कमी से मछलियां मर रही हैं...
इससे लोगों का जीना मुहाल गया है..इसमें एस्केप चैनल से पानी छोड़ा जा रहा था..मगर यह पानी बंद होने से यह मौतें हुई हैं.. पानी में ट्रीटमेंट की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है..एलीवेटर सिस्टम खराब हो गया.. इसलिए स्मार्ट सिटी के तहत यहां कोई स्थायी समाधान किया जाए..नगरीय विकास मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि राजस्थान ग्रामीण सेवा में चयनित अधिकारियों को पदौन्नति पद वार के स्थान पर अब वेतन श्रृखंला के आधार पर निर्धारित की गई है..
धारीवाल शून्यकाल में विधायक संयम लोढा द्वारा राजस्थान ग्रामीण विकास सेवा के अधिकारियों की पदौन्नति नहीं होने से उत्पन्न स्थिति के सम्बन्ध में रखे गये ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री की ओर से जवाब दे रहे थे..उन्होंने बताया कि राजस्थान ग्रामीण सेवा का गठन वर्ष 2007 में किया गया था और इसके गठन के बाद समय-समय पर भर्ती की गई, उन्होंने बताया कि भर्ती के साथ ही पदौन्नति के अवसर भी रखे गये और पदौन्नति होती रही है.. धारीवाल ने बताया कि इस सेवा के गठन के बाद वर्ष 2010 में प्रथम बैंच आया और प्रथम बैंच आने के बाद इनकी 5 वर्ष बाद पदौन्नति होनी चाहिए थी, लेकिन वर्ष 2017 में इस सेवा के अधिकारियों ने हड़ताल शुरू करदी और हड़ताल लम्बी चली..
नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि सरकार के साथ वार्ता हुई और 19 मार्च 2020 को इनकी मांग मान ली गई.. उन्होंने बताया कि इस समझौते के बाद एक अधिसूचना जारी कर पदौन्नति, पदवार के स्थान पर वेतन श्रृखंला के आधार पर करने का निर्धारण किया गया.. उन्होंने बताया कि इस अधिसूचना के बाद विकास अधिकारी को विकास अधिकारी वरिष्ठ, प्रोजेक्ट ऑफिसर, एडिशनल चीफ, एडिनशल चीफ प्रोजेक्ट ऑफिसर, प्रोजेक्ट डायरेक्टर कम डिप्टी सैक्रेट्री और डिप्टी कमिश्नर के पद तक की वेतन श्रृखंला पर पहुंचना था और इन पर पदौन्नति भी की गई.. धारीवाल ने बताया कि वेतन श्रृंखला के अनुसार ही जूनियर स्केल, सीनियर स्केल, सलेक्शन स्केल सुपर टाईम स्केल देने का प्रावधान भी किया गया..
उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि पदों के निर्धारण के लिए सरकार के स्तर पर विचार चल रहा है और निर्णय होते ही निर्धारण कर दिया जायेगा...उन्होंने इस सेवा के 68 अधिकारियों द्वारा इस्तीफा देने की बात को गलत बताते हुए कहा कि कई लोग दूसरी सेवा में चले गये, कई लोगों को पदौन्नति दे दी, कुल मिलाकर तीन लोगों ने इस्तीफा जरूर दिया है.. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस्तीफा किन कारणों से दिया और अब वे कहां चले गये यह ज्ञात नहीं है..
जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट,


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