पशुपालन मंत्री लाल चंद कटारिया ने सोमवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि विधानसभा क्षेत्र सिवाना में खोले गये नवीन पशु चिकित्सा उपकेन्द्रों में रिक्त पदों को 31 मार्च से पहले भर दिया जाएगा.. साथ ही ऊंटों के इलाज के लिए आवश्यकता होने पर शिविर भी लगाये जाएंगे।



कटारिया प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे..उन्होंने बताया कि सिवाना विधानसभा क्षेत्र के थापना में 12 लाख रुपये की लागत से उपकेन्द्र का कार्य किया जा रहा है तथा समदडी में 35 लाख रुपये की कार्य योजना बनाकर वित्त विभाग को भेज दी गई है.. वित विभाग की स्वीकृति मिलते ही चिकित्सा उप केन्द्र शुरू कर दिया जाएगा..उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले वर्ष प्रदेश में 400 पशु उपकेन्द्र खोले जा रहे हैं, आवश्यकतानुसार सिवाना में भी नये उपकेन्द्र खोले जाएंगे...

इससे पहले विधायक हमीर सिंह भायल के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कटारिया ने बताया कि प्रदेश में गत दो वर्षों में कोई भी पशु चिकित्सालय नहीं खोला गया है.. जबकि प्रदेश में 586 नवीन पशु चिकित्सा उपकेन्द्र स्वीकृत किये गये हैं.. बजट घोषणा 2019-20 के तहत पशु चिकित्सालय निम्बार्क तीर्थ सलेमाबाद जिला अजमेर को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया गया है..उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 602 पशु चिकित्सालयों के राजकीय भवन नहीं है.. राजकीय भवन विहीन पशु चिकित्सालयों के भवन निर्माण के लिए विभाग के नाम भू-स्वामित्व के पट्टे उपलब्ध होने पर वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार भवन निर्माण का कार्य करवाया जाता है.. कटारिया ने बताया कि गत दो वर्षों में विधानसभा क्षेत्र सिवाना की ग्राम पंचायत मुख्यालय गोलियां, नाकोडा, चाडों की ढाणी एवं लोहिडी में नवीन पशु चिकित्सा उपकेन्द्र खोले गये हैं.

 वर्तमान में  चारों पशु चिकित्सा उपकेन्द्रों के पशुधन सहायक एवं जलधारी के पद रिक्त हैं..विधानसभा क्षेत्र सिवाना की 32 ग्राम पंचायतों में विभाग की कोई पशु चिकित्सा संस्था उपलब्ध नहीं है..उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सा संस्थायें आवश्यकता एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार खोली जाती है.. बजट घोषणा वर्ष 2021-22 अनुसार प्रदेश में मोबाइल वेटेनरी सेवा शुरू की जानी प्रस्तावित है.

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट,