जालोर. गांव के विकास के लिए बन रहे प्रोजेक्ट ही गांव के रास्ते रोक रहे है आधी-अधूरी योजना की वजह से फायदे की जगह ग्रामीणों को नुकसान हो रहा है ऐसा ही मामला चितलवाना उपखण्ड के अगड़ावा व सेसावा गांव में देखने को मिल रहा है....


दरअसल गांधव से साता तक भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग 925A बनकर लगभग तैयार हो चुका है और इसी सड़क पर अगड़ावा व सेसावा गांव की सरहद में 30 मीटर चौड़ी व 3 किमी लंबी एयरस्ट्रिप का काम लगभग पूरा हो चुका है। यहीं पर 3 हैलीपेड बनेंगे। 

जरूरत के वक्त फाइटर एयरक्राफ्ट उतारे जा सकेंगे लेकिन यह एयरस्ट्रिप अगड़ावा व सेसावा गांव के लिए मुसीबत बना हुआ है क्योंकि इस एयरस्ट्रिप के एक तरफ सर्विस रोड बन गई है लेकिन दूसरी तरफ सर्विस रोड़ नहीं बनी है और एयरस्ट्रिप को तारबंदी करके लॉक किया जा रहा है इस कारण हवाई पट्टी के एक तरफ निवास कर रहे 500 परिवारों के लिए रास्ते बंद हो गए है।

इसको लेकर NHAI के अधिकारियों से लेकर जिला कलेक्टर मंत्री सुखराम बिश्नोई सांसद देवजी एम पटेल को ज्ञापन दे चुके है बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है अगड़ावा व सेसावा के ग्रामीणों का कहना है कि अगर यहां सर्विस रोड बनाई जाती है तो 500 घरों के लिए रास्ते खुल जाएंगे वरना सभी के रास्ते बंद है।


विओ - ऐसे में अब सेसावा व अगड़ावा के ग्रामीणों ने आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर एयरस्ट्रिप के पास सर्विस रोड नहीं बनी तो मजबूरन धरना अनशन व भूख हड़ताल की जाएगी अगर सर्विस रोड़ नहीं बनी तो घरों में ही कैद रहेंगे दो गांवो के पांच सौ परिवार सेसावा व अगड़ावा में बनी हवाई पट्टी के पास अगर सर्विस रोड नहीं बनी तो पांच सौ परिवार घरों में ही रहेंगे।

क्योंकि उनके लिए और कोई रास्ता नहीं है।वहीं मजे की बात तो यह है कि वहां के लोग पैदल भी सड़क तक नहीं आ पाएंगे।क्योंकि 3 किलोमीटर तक तारबन्दी कर रह रहे है।घरों में कैद होते देख ग्रामीण सर्विस रोड की मांग को लेकर आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर है अब देखने वाली बात यह है कि इन ग्रामीणों की मांगों पर विचार किया जाता है या नहीं।