जयपुर चुनाव डेस्क।  

गुरुवार को घोषणा पत्र पेश करने में पहल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विधानसभा चुनाव 2023 का 'आपणो अग्रणी राजस्थान' 'संकल्प पत्र जारी किया। इसमें जहां एक ओर गहलोत सरकार की लोकप्रिय योजनाओं को काउंटर करने की कोशिश की गई वहीं दूसरी ओर ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) पर चुप्पी साधी गई है। 13 जिलों में मुद्दा बन चुकी ERCP को राष्ट्रीय योजना घोषित करने पर भी संकल्प पत्र मौन है लेकिन इसे पूरा करने का वादा जरूर किया गया है जबकि गहलोत सरकार इस योजना के लिए बजट में प्रावधान कर चुकी है। ख़ास बात यह कि संकल्प पत्र के नाम से जारी किए गए 80 पेज के घोषणा पत्र में 2018 के राजस्थान गौरव संकल्प की 24 से ज्यादा घोषणाओं को रिपीट किया गया हैगहलोत सरकार की पहले से चल रही कई योजनाओं और हाल ही में की गईं घोषणाओं को भी शामिल किया गया है।

संकल्प पत्र जारी करने के दौरान एक हाईलाइट यह रही की जहां केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपने सम्बोधन में पूर्व CM वसुंधरा राजे का नाम लेने से गुरेज किया तो वहीं प्रदेशाध्यक्ष ने राजे का नाम बड़े आदर से लिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने ना केवल नाम लिया बल्कि राजे के कार्यकाल की तारीफ भी की।   

भाजपा ने अगर कहीं कांग्रेस और गहलोत सरकार को घेरा है तो वो है 'महिला सुरक्षा और उत्पीड़न' का मुद्दा।भाजपा ने महिलाओं के लिए इतनी घोषणाएं की हैं कि कांग्रेस को कम से कम इस मामले में अपने घोषणा पत्र में जवाब देना भारी पड़ेगा। PM मोदी के केंद्र में पेश किए गए 'महिला आरक्षण कानू' के बाद इस मुद्दे को सही प्राथमिकता दी गई है और इसमें भाजपा की धार नजर आती है।  


BJP घोषणा पत्र समिति में ममता शर्मा मेंबर थीं। 25 अक्टूबर को उन्होंने भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया। घोषणा पत्र के सदस्यों में ममता शर्मा का नाम प्रिंट हुआ है।
BJP घोषणा पत्र समिति में ममता शर्मा मेंबर थीं। 25 अक्टूबर को उन्होंने भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया। घोषणा पत्र के सदस्यों में ममता शर्मा का नाम प्रिंट हुआ है।

25 अक्टूबर को ममता शर्मा छोड़ चुकी भाजपा
कहने को इसे क्लेरिकल गलती कहा जा सकता है लेकिन जिस दस्तावेज को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से जारी करवाया गया उसे पढ़ने की फुर्सत शायद राजस्थान के वरिष्ठ भाजपा नेताओं को नहीं मिली। भाजपा का घोषणा पत्र तैयार करने वालों में कांग्रेस नेता (ममता शर्मा) का भी नाम शामिल है। ममता शर्मा 25 अक्टूबर को भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं। भाजपा घोषणा पत्र समिति में ममता शर्मा मेंबर थीं। भाजपा छोड़ने के बाद भी घोषणा पत्र में उनका नाम प्रिंट होने को लेकर सियासी हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

25 अक्टूबर को झुंझुनूं के अरड़ावता में शीशराम ओला की मूर्ति अनावरण समारोह में ममता शर्मा (प्रियंका गांधी के बगल में) बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई थीं।
25 अक्टूबर को झुंझुनूं के अरड़ावता में शीशराम ओला की मूर्ति अनावरण समारोह में ममता शर्मा (प्रियंका गांधी के बगल में) बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई थीं।

पब्लिक सेंटीमेंट्स भुनाने की रणनीति

घोषणा पत्र में पेपर लीक की जांच के लिए एसआईटी और अलग-अलग घोटालों की जांच का वादा करके पब्लिक सेंटीमेंट्स को भुनाने का प्रयास किया गया है। बीजेपी लगातार पेपर लीक, जल जीवन मिशन, आईटी घोटाले के जरिए कांग्रेस सरकार को घेरती आ रही है।

लोकलुभावन वादों की भरमार

गहलोत सरकार की लोकलुभावन घोषणाओं और फ्री की स्कीम्स की आलोचना के बीच बीजेपी ने भी अपने घोषणा पत्र में इन्हें शामिल किया है। फ्री राशन, फ्री शिक्षा, गैस सिलेंडर पर 450 रुपए सब्सिडी, स्टूडेंट्स को लैपटॉप, सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाने सहित अनेक लोकलुभावन वादों को घोषणा पत्र में जगह दी गई है। प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को कम करने के लिए टास्क फोर्स बनाने की घोषणा से आर्थिक सेहत को पटरी पर लाने का मैसेज देने की कोशिश की गई है। बाजरा, ज्वार की एमएसपी पर खरीद और एमएसपी पर बोनस की घोषणा से किसानों को मैसेज देने का प्रयास किया गया है।

मौलिकता का अभाव, संकल्प पत्र में डरी-सहमी सी लगी भाजपा 

इस बार का संकल्प पत्र पढ़कर ऐसा लगा मानो यह एग्जाम किसी ऐसे छात्र ने लिखा है जिसे मास्टर साहब से खूब 'प्रसाद' मिलता रहा हो।  डरे-सहमें छात्र ने जो आता था उसे भी गलत लिखा और नंबर लाने के चक्कर में पड़ौस में बैठे छात्र से 'चीटिंग' भी कर ली।  कांग्रेस की सात गारंटियों में शामिल गोबर खरीदने की घोषणा को भी जगह दी गई है। गौसंवर्द्धन योजना के तहत गोबर और गौमूत्र खरीदने की घोषणा की गई है। कांग्रेस ने सात गारंटियों में इसे लिया है। 

अन्नपूर्णा रसोई योजना में 5 रुपए में खाना देने का वादा किया गया है। पहले वसुंधरा सरकार में यह योजना चल रही थी। अब गहलोत सरकार भी अन्नपूर्णा रसोई योजना चला रही है।

ईडब्ल्यूएस कल्याण बोर्ड बनाने का वादा, यह बोर्ड पहले से बना हुआ है।

टैक्सी-ऑटो वालों को कोलैटरल फ्री कर्ज (बिना कुछ गिरवी रखकर प्राप्त किया जाने वाला लोन), आयुष्मान भारत योजना का लाभ, स्ट्रीट हॉकर कल्याण बोर्ड का गठन करने, गि​ग वर्कर्स को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की घोषणा शामिल। गहलोत सरकार गिग वर्कर कल्याण एक्ट बना चुकी है। इस एक्ट में बोर्ड का प्रावधान है।

एसटी क्षेत्रों में मनरेगा के तहत 150 दिनों का रोजगार का वादा किया गया है। यह योजना पहले से चल रही है।

खेलो राजस्थान यूथ गेम्स करवाने की घोषणा की गई है। गहलोत सरकार ग्रामीण और शहरी ओलिंपिक खेल करवा चुकी है। बीजेपी के 2018 के घोषणापत्र में भी यह वादा था।

हर जिले में मेडिकल कॉलेज, वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की घोषणा। ज्यादातर जिलों में मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं। खुद जेपी नड्डा ने संकल्प पत्र जारी करते हुए इसका श्रेय मोदी सरकार को दिया।

आगे-आगे कांग्रेस, पीछे-पीछे भाजपा 

बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में कांग्रेस सरकार में चल रही कई योजनाओं को आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। पहले से चल रही कई स्कीम्स के साथ कांग्रेस की सात गारंटियों में शामिल गोबर खरीदने की घोषणा को बीजेपी ने घोषणा पत्र में जगह दी है।

गौसंवर्द्धन योजना के तहत गोबर और गौमूत्र खरीदने की घोषणा की गई है। कांग्रेस ने सात गारंटियों में इसे लिया है।

अन्नपूर्णा रसोई योजना में 5 रुपए में खाना देने का वादा किया गया है। पहले वसुंधरा सरकार में यह योजना चल रही थी। अब गहलोत सरकार भी अन्नपूर्णा रसोई योजना चला रही है।

ईडब्ल्यूएस कल्याण बोर्ड बनाने का वादा, यह बोर्ड पहले से बना हुआ है।

टैक्सी-ऑटो वालों को कोलैटरल फ्री कर्ज (बिना कुछ गिरवी रखकर प्राप्त किया जाने वाला लोन), आयुष्मान भारत योजना का लाभ, स्ट्रीट हॉकर कल्याण बोर्ड का गठन करने, गि​ग वर्कर्स को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की घोषणा शामिल। गहलोत सरकार गिग वर्कर कल्याण एक्ट बना चुकी है। इस एक्ट में बोर्ड का प्रावधान है।

एसटी क्षेत्रों में मनरेगा के तहत 150 दिनों का रोजगार का वादा किया गया है। यह योजना पहले से चल रही है।

खेलो राजस्थान यूथ गेम्स करवाने की घोषणा की गई है। गहलोत सरकार ग्रामीण और शहरी ओलिंपिक खेल करवा चुकी है। बीजेपी के 2018 के घोषणापत्र में भी यह वादा था।

हर जिले में मेडिकल कॉलेज, वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की घोषणा। ज्यादातर जिलों में मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं।

जयपुर मेट्रो का विस्तार करने के साथ दूसरे शहरों में मेट्रो का मास्टर प्लान तैयार करने की घोषणा की है। गहलोत सरकार ने जयपुर मेट्रो को सीतापुरा तक चलाने का फैसला कर चुकी। 

जल जीवन मिशन के तहत 2025 तक हर घर पानी पहुंचाने की घोषणा।

पहले से चल रही मुख्यमंत्री फ्री स्कूटी योजना को भी शामिल किया गया है।

भले ही भाजपा के घोषणा पत्र में कमियां गिनाई जा सकती हों लेकिन उसके चुनाव लड़ने के अंदाज में कभी कमी नहीं देखी गई और असल लड़ाई तो उसी मोर्चे पर होनी है। देखना होगा कांग्रेस कैसा घोषणा पत्र लाती है और फिर बूथ स्तर पर भाजपा से कैसे मुकाबला करती है क्योंकि 2014 के बाद मोदी-शाह की भाजपा ने कुछ चुनाव सिर्फ अपने शीर्ष नेताओं के भाषण और बूथ मैनेजमेंट से जीते हैं।