उदयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

उदयपुर में आधी रात एक महिला को घर से उठाने और उसके साथ बदसलूकी के आरोपों में घिरे भींडर थानाधिकारी मुकेश खटीक को थाने से हटा दिया गया है। साथ ही मामले में 17 सीसी का नोटिस देकर जवाब भी मांगा है।

एसपी भुवन भूषण यादव का कहना है कि सीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर थानाधिकारी को वहां से हटा दिया है। उनकी जगह अन्य को लगाया गया है।

पति ने कहा तो थानेदार ने घसीटा

जानकारी के अनुसार, पूरे घटनाक्रम को लेकर वल्लभनगर डीएसपी रविन्द्र प्रताप सिंह राठौड़ ने मामले की जांच की थी। पीड़िता के बयान लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।

मामले में पीड़िता ने बताया कि उसका पति भी पुलिसकर्मी है और उसी के कहने पर थानाधिकारी मुकेश खटीक ने उसके साथ बदसलूकी की। रात के वक्त उसका हाथ पकड़कर घसीटा और गाड़ी में बैठाकर भींडर तक ले गए।

पीड़िता ने रात की इस कार्रवाई का ऑडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। जिसे एसपी और आईजी को भेजकर शिकायत की गई।

ऑडियो में पीड़िता एक महिला कांस्टेबल की मौजूदगी में थानेदार के हाथ पकड़ने पर कई बार एतराज जता रही है।

पति और सास करते थे मारपीट

खेरोदा निवासी निर्मला जाट का विवाह 10 साल पहले बड़गांव निवासी पुलिस कर्मचारी देवीलाल जाट से हुआ था। देवीलाल अभी आकोला थाना चित्तौड़गढ़ में तैनात है। निर्मला के अनुसार पति और सास की मारपीट के चलते वह दो साल से पीहर में ही रह रही थी।

कुछ दिन पहले पति का भिजवाया कोर्ट नोटिस मिला, जिसमें पत्नी धर्म अदा करने के लिए ससुराल आने के बारे में लिखा था।

इस पर वह 4 दिन पहले लौट आई। लेकिन, उनका व्यवहार नहीं बदला। खाना-पीना बंद कर दिया। बीते शुक्रवार पति और सास घर पर नहीं थे।

रात 11 बजे पति से लेट घर आने का कारण पूछा तो संतुष्ट जवाब नहीं मिला। इस पर महिला कमरा अंदर से बंद कर सो गई।

कुछ देर बार थानाधिकारी मुकेश खटीक महिला कांस्टेबल के साथ आए। महिला को जबरन पकड़ते हुए जीप में बैठाया। इस दौरान थानाधिकारी पर महिला का हाथ पकड़ने और बदसलूकी करने का आरोप लगा।